स्मारकों, संस्थाओं, संग्राहलयों, पार्कों और उपवनों के लिए जो FD बैंक ऑफ बडौदा में 48 करोड़ रुपये की कराई गई थी उनमें से 10 करोड़ 19 रुपये के घोटाले के आरोप में पुलिस ने नागेंद्र पाल को गिरफ्तार किया है। नागेंद्र पाल बैंक ऑफ बडौदा के शाखा प्रबंधक है।

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लखनऊ, उत्तरप्रदेश। स्मारक, उपवन, संस्थाएं व पार्क के साढ़े 5 हजार कर्मचारियों का सेंट्र्रल प्रोविडेंट फंड के 10 करोड़ रुपये गबन के मामले में गोमतीनगर पुलिस ने नागेंद्र प्रसाद पाल को गिरफ्तार किया है। नागेंद्र बैंक आफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक है। पुलिस जांच में आरोपी की भूमिका फर्जीवाड़े में सामने आई है। ACP गोमतीनगर स्वेता श्रीवास्तव के अनुसार बैंक मैनेजर ने 25 लाख रुपये राइट-पे सर्विसेज के खाते से परिचित की महाकाल नाम की कंपनी में ट्रांसफर करवाए थे। बाद में रकम खाते से निकलवाकर रख लिए थे।

अभी तक गोमतीनगर पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले के विवेचक धनंजय सिंह ने अपने बनयान में बताया कि बैंक मैनेजर के विरुद्ध नामजद FIR दर्ज थी। शुरुवाती जांच के बाद पता चला कि आरोपी ने शुरू से लापरवाही बरती थी। लापरवाहियों की बात की जाये तो उसने कागजों की पड़ताल भी ठीक से नहीं की, यही नहीं, बिना तस्दीक किए ही राइट-पे कंपनी को रुपये ट्रांसफर कर दिए।

आरोपी की भूमिका पता चलने के बाद उसे गिरफ्त में ले लिया गया। उल्लेखनीय है कि स्मारक, संस्थाओं, संग्रहालयों,  पार्कों व उपवनों आदि की प्रबंध समिति लखनऊ विकास प्राधिकरण की विनियोजित के लिए 48 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। समिति के मुख्य प्रबंधक पवन कुमार गंगवार की ओर से इस मामले में FIR दर्ज कराई गई थी। इस फर्जीवाड़े में समिति के लेखाधिकारी संजय सिंह की भी भूमिका उजागर हुई थी, जिसके बाद उसे और उसके साथियों को गिरफ्त में ले लिया गया था।

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