Bhopal News – मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती ने एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखाते हुए व्यापम घोटाले की CBI जांच की मांग की है। भोपाल में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर सवाल उठाए और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।

मुझे क्यों फंसाया गया, आज तक नहीं पता
उमा भारती ने व्यापम घोटाले को लेकर कहा, इस घोटाले में मेरा नाम कैसे आया, मुझे आज तक नहीं पता। अब समय आ गया है कि CBI इस पूरे मामले की जांच करे, ताकि सच्चाई सामने आए।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश क्राइम ब्रांच की भूमिका भी संदिग्ध रही है और लोगों को यह जानना जरूरी है कि इस एजेंसी ने इस मामले में क्या कार्रवाई की।
भाजपा सरकारों में भी सहनी पड़ी प्रताड़ना
उमा भारती ने कहा कि उन्होंने 1990 से 1992 और 2005 से 2013 तक सत्ता में रहते हुए भी प्रताड़ना झेली। उन्होंने कहा, मैं किसी का नाम नहीं लूंगी, लेकिन इन वर्षों में मुझे और मेरे परिवार को परेशान किया गया। बता दें कि इन वर्षों में प्रदेश में सुंदरलाल पटवा और फिर शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहे।
अमित शाह से होती रहती है चर्चा
जब पार्टी से अलग होने की अटकलों पर सवाल किया गया तो उमा भारती ने साफ कहा, मैं भाजपा में ही रहूंगी, मुझे कोई बाहर नहीं कर सकता। अमित शाह से मेरी समय-समय पर बातचीत होती रहती है।
राजनीतिक सफाई का संकेत
उमा भारती के इस बयान को भाजपा के भीतर कुछ नेताओं के खिलाफ उनके लंबे समय से चले आ रहे असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। व्यापम कांड जैसे बड़े मुद्दे पर फिर से जांच की मांग कर उन्होंने इस मामले को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
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