
राजधानी के ऐशबाग स्थित चर्चित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। लंबे समय से इसे ‘90 डिग्री एंगल वाला पुल’ बताया जा रहा था, लेकिन अब अदालत में पेश की गई तकनीकी जांच रिपोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार पुल का वास्तविक एंगल 118 से 119 डिग्री है, न कि 90 डिग्री।
तकनीकी रिपोर्ट में सामने आया सच
मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT), भोपाल के एक प्रोफेसर ने हाईकोर्ट को यह रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया कि जेनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग (GAD) के मुताबिक एंगल पहले से ही लगभग 118 डिग्री निर्धारित था। जांच के दौरान मौके पर भी मापा गया एंगल 118° 40′ 01″ निकला।
विवाद की पृष्ठभूमि
पुल का एंगल असामान्य होने की वजह से इसे ‘90 डिग्री टर्न वाला पुल’ कहकर सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया गया था। लोगों का कहना था कि इस कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। लगातार आलोचना के बाद सरकार ने जांच कमेटी बनाई और चार PWD इंजीनियरों को निलंबित कर दिया। वहीं, निर्माण कंपनी और डिजाइन कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।
रिपोर्ट सामने आने के बाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले में ठेकेदार कंपनी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि ब्लैकलिस्टिंग और अन्य कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं।


