Bhopal News – भोपाल में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Bhopal) के कुछ डॉक्टरों ने देर रात शराब के नशे में जमकर हंगामा किया। यह घटना मंगलवार देर रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। चार डॉक्टर नशे की हालत में एम्स के इमरजेंसी गेट के सामने कार खड़ी कर पार्टी कर रहे थे। जब पुलिस मौके पर पहुंची और उनसे पूछताछ शुरू की, तो एक डॉक्टर ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की।

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कार की छत पर बीयर की बोतल रखी हुई है और दो डॉक्टर कार के अंदर नशे में पड़े हैं। कार के अंदर बीयर और स्नैक्स भी बिखरे पड़े हैं। एक डॉक्टर पुलिस अधिकारी से बहस करता नजर आता है।
AIIMS प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन
घटना की जानकारी बुधवार सुबह AIIMS प्रबंधन को मिली। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत जांच समिति गठित की और मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को सेवाओं से हटा दिया गया। बाकी डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी है।
AIIMS भोपाल ने बयान जारी कर कहा –
AIIMS भोपाल प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया है। यह व्यवहार संस्थान के मानकों के अनुरूप नहीं है। एक जूनियर रेजिडेंट को हटाया गया है और बाकी के खिलाफ जांच चल रही है। हमारा नैतिक दायित्व है कि हर समय उचित आचरण बना रहे।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इसमें एक डॉक्टर पुलिसकर्मी से बहस करता दिखता है और कहता है – “मैं 2016 से यहाँ हूँ, दस थानों के अफसरों को जानता हूँ, तुम कौन हो?”
जब डॉक्टर भागने की कोशिश करता है तो पुलिस उसे रोक लेती है। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट तैयार कर AIIMS प्रशासन को सौंप दी है।
पुलिस और सुरक्षा का बयान
AIIMS के सुरक्षा पर्यवेक्षक एस.एन. राय ने बताया कि, “घटना रात करीब 2 बजे की है। पुलिस ने सभी डॉक्टरों को हमारे गार्ड्स के सुपुर्द किया। यह घटना गेट के बाहर हुई थी, इसलिए सुरक्षा विभाग की इसमें कोई भूमिका नहीं है।”
वहीं बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने कहा, “चारों डॉक्टरों की पहचान की जा रही है। AIIMS को इस बारे में सूचना दे दी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
संस्थान की साख पर सवाल
AIIMS भोपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह मामला संस्थान की प्रतिष्ठा से जुड़ा है और जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
AIIMS भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के डॉक्टरों का यह व्यवहार न केवल संस्थान की छवि पर सवाल उठाता है बल्कि चिकित्सा पेशे की गरिमा को भी ठेस पहुँचाता है। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है और आगे और भी सख्त कदम उठाने की संभावना है।


