भोपाल। राजधानी भोपाल का ईटखेड़ी इलाका एक बार फिर धार्मिक आस्था और भाईचारे का केंद्र बनने जा रहा है। इस वर्ष आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध आलमी तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस बार 12 लाख से अधिक जायरीन (श्रद्धालु) देश-विदेश से भोपाल पहुंचने की संभावना है। भोपाल का यह इज्तिमा विश्व के सबसे बड़े इस्लामी आयोजनों में से एक माना जाता है, जो हर साल लाखों लोगों को एक साथ जोड़ता है।
ईटखेड़ी मैदान में विशाल पंडाल, पार्किंग क्षेत्र, लंगर और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और वक्फ बोर्ड के अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इज्तिमा स्थल पर व्यवस्था का नमूना
इस वर्ष प्रशासन ने पहली बार 3डी मॉनिटरिंग सिस्टम और ड्रोन कैमरों का उपयोग करने का निर्णय लिया है, ताकि पूरे इज्तिमा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और भी सुदृढ़ हो सके।
भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि ईटखेड़ी क्षेत्र का 3डी मैप तैयार किया गया है, जिसमें हर मार्ग, टेंट एरिया और पार्किंग जोन को डिजिटल रूप में चिन्हित किया गया है। इससे भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति में राहत कार्य को त्वरित बनाया जा सकेगा।
साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे चलने वाले अस्थायी अस्पताल और एम्बुलेंस सेवा की व्यवस्था की है। 500 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी और 100 डॉक्टर इज्तिमा स्थल पर तैनात रहेंगे।
जल, विद्युत और सफाई विभाग भी लगातार कार्य कर रहे हैं ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की रुकावट न आए।
भोपाल में दिखेगी अद्भुत एकता और भाईचारे की झलक
भोपाल का इज्तिमा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भाईचारे, अनुशासन और सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी भोपाल के नागरिक श्रद्धालुओं के स्वागत में आगे आए हैं। स्थानीय निवासी अपने घरों और दुकानों के बाहर पेयजल, नाश्ते और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था कर रहे हैं।
आयोजन समिति के सदस्य ने बताया कि इज्तिमा स्थल पर देश के कोने-कोने से आए प्रतिनिधि मिलजुलकर सेवा कार्यों में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि इंसानियत किसी धर्म या सीमा में नहीं बंधी। यहां हर कोई केवल अल्लाह की याद और एकता के संदेश को फैलाने आता है।”
प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए ट्रैफिक रूट भी तय कर दिए हैं। पुलिस ने बताया कि भारी वाहनों को आयोजन क्षेत्र से दूर रखा जाएगा और शहर की मुख्य सड़कों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। 3डी तकनीक, ड्रोन निगरानी और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली ने इस वर्ष के इज्तिमा को और भी विशेष बना दिया है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि भोपाल की पहचान को एकता, सहयोग और सांप्रदायिक सौहार्द के केंद्र के रूप में और मजबूत करता है।


