राजधानी में बढ़ा अपराध का ग्राफ, डिप्टी सीएम के पीए से छीनाझपटी की घटना से हड़कंप
भोपाल में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। बीते दो दिनों में तीन बड़ी वारदातों ने पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला राजधानी के पॉश इलाके का है, जहां डिप्टी सीएम के निजी सहायक (पीए) से बदमाशों ने मोबाइल लूट लिया।
घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब पीए अपने घर लौट रहे थे। तभी बाइक सवार दो अज्ञात युवक आए और अचानक उनका मोबाइल छीनकर फरार हो गए। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर निकल गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इस वारदात के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि यह घटना राजधानी के अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में हुई है।
सीसीटीवी कैमरों का अभाव बना अपराधियों की ढाल, पुलिस को नहीं मिले ठोस सुराग
पुलिस ने जांच शुरू करते हुए घटनास्थल के आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कोशिश की, लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जहां यह वारदात हुई, वहां कोई कैमरा लगा ही नहीं था।
राजधानी के ऐसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की यह लापरवाही पुलिस प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है। सूत्रों के अनुसार, शहर में कई जगह सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं या खराब स्थिति में हैं, जिससे अपराधियों को खुली छूट मिल रही है।
पुलिस ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों से फुटेज जुटाने की कोशिश की जा रही है और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की जाएगी। वहीं, शहरवासियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है और कैमरे जल्द चालू करने की मांग की है।
दो संदिग्ध हिरासत में, पुलिस की कार्रवाई तेज
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल टीम गठित कर दी है। अब तक दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह वही गिरोह हो सकता है जिसने पिछले दिनों दो और लूट की वारदातों को अंजाम दिया था।
पुलिस का कहना है कि अपराधियों की पहचान जल्द हो जाएगी और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल शहर में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और रात के समय अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
पिछले दो दिनों में हुई लगातार वारदातों—चार इमली में चोरी, अरेरा कॉलोनी में झपटमारी और अब वीआईपी क्षेत्र में लूट—ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।


