छात्रों ने अत्याधुनिक लैब और शोध सुविधाएं देखीं
आष्टा के 217 छात्रों ने भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरे का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा की संभावनाओं से परिचित कराना और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था।
दौरे के दौरान छात्रों को IISER की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, रिसर्च सेंटर और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान कैसे किया जाता है, शोधकर्ताओं की टीम किस प्रकार प्रयोगों का विश्लेषण करती है और विज्ञान की हर शाखा में नए-नए नवाचार कैसे विकसित किए जाते हैं।
छात्रों ने माइक्रोबायोलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और एनवायरनमेंट साइंस की प्रयोगशालाओं में चल रहे शोध कार्यों का अवलोकन किया। कई छात्रों ने पहली बार इतने बड़े और उन्नत स्तर पर विज्ञान की व्यावहारिक प्रक्रिया को करीब से देखा, जिससे विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा और भी बढ़ी।
प्रोफेसरों ने दिए प्रेरक व्याख्यान, करियर के नए रास्ते समझाए
IISER के वरिष्ठ प्रोफेसरों और शोधार्थियों ने छात्रों के लिए विशेष इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में उन्होंने विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा के महत्व पर चर्चा की।
प्रोफेसरों ने छात्रों को बताया कि विज्ञान सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि यह प्रयोग, खोज और निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। उन्होंने यह भी समझाया कि कैसे छात्र भविष्य में IISER जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश पा सकते हैं और विज्ञान के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं।
IISER के विशेषज्ञों ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपनी जिज्ञासा को बनाए रखें, विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रयोग करते रहें और तकनीकी ज्ञान को व्यवहार में लाने की कोशिश करें। कई छात्रों ने करियर संबंधी सवाल पूछे, जिनका विस्तार से समाधान भी दिया गया।
स्कूल प्रबंधन ने जताया आभार, छात्रों ने दौरे को बताया प्रेरणादायक
भ्रमण के बाद छात्रों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि IISER जैसे शीर्ष संस्थान को करीब से देखने का मौका उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि इस भ्रमण ने उनकी सोच को व्यापक बनाया और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा को और मजबूत किया।
स्कूल प्रबंधन ने IISER प्रशासन का आभार जताया कि उन्होंने छात्रों को गुणवत्ता शिक्षा की झलक दिखाने का अवसर दिया। शिक्षकों का कहना है कि ऐसे दौरे बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें उच्च शिक्षा की दिशा में मार्गदर्शन मिलता है।
इस शैक्षणिक भ्रमण ने छात्रों में विज्ञान के प्रति उत्साह बढ़ाया है और उन्हें भविष्य के लिए नई दिशा दिखाने का कार्य किया है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों के संपूर्ण शैक्षणिक विकास में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।


