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भोपाल में दो दिन चला मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन अभियान

घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच

भोपाल जिले में मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने दो दिवसीय विशेष सत्यापन अभियान चलाया। इस अभियान का फोकस उन मतदाताओं पर रहा, जिनके बारे में आशंका थी कि वे या तो निधन कर चुके हैं या फिर स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं। 

कलेक्टर के निर्देश पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO), राजस्व अमला और अन्य संबंधित अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में घर-घर पहुंचे। इस दौरान मतदाता सूची में दर्ज नामों का भौतिक सत्यापन किया गया और स्थानीय लोगों से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभियान समय-समय पर जरूरी होते हैं, ताकि मतदाता सूची में केवल वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम ही दर्ज रहें।

‘रामबाई क्या यहां रहती हैं?’—मैदानी जांच में सामने आई हकीकत

सत्यापन के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिन्होंने मतदाता सूची की खामियों को उजागर किया। एक घर पर जब कलेक्टर की टीम ने पूछा, “रामबाई क्या यहां रहती हैं?”, तो घरवालों ने साफ शब्दों में जवाब दिया—“नहीं, यहां इस नाम की कोई महिला नहीं रहती।” इसी तरह कई अन्य पते पर भी ऐसे ही जवाब मिले। कहीं बताया गया कि संबंधित मतदाता का वर्षों पहले निधन हो चुका है, तो कहीं यह जानकारी मिली कि वह परिवार सहित दूसरे शहर या गांव में बस चुका है। इस दो दिवसीय अभियान में कुल 92 ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए, जिनके नाम सूची में तो दर्ज थे, लेकिन वे उस पते पर मौजूद नहीं पाए गए। अधिकारियों ने हर मामले में पड़ोसियों और स्थानीय नागरिकों से भी पुष्टि की, ताकि किसी तरह की गलत सूचना दर्ज न हो।

चुनावी पारदर्शिता की दिशा में प्रशासन का अहम कदम

प्रशासन का मानना है कि मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम समय पर हटाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे नामों के बने रहने से न केवल मतदाता सूची की विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि फर्जी मतदान जैसी आशंकाएं भी बढ़ जाती हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि चिन्हित किए गए सभी 92 मामलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाए, ताकि आवश्यक सुधार जल्द से जल्द किए जा सकें। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उनके परिवार या आसपास किसी मतदाता की मृत्यु हो गई हो या वह स्थायी रूप से अन्यत्र चला गया हो, तो इसकी जानकारी संबंधित कार्यालय में अवश्य दें। यह सत्यापन अभियान आने वाले चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

Sanjay
Author: Sanjay

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