सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे अंतरराष्ट्रीय वन मेले का उद्घाटन
भोपाल में 17 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय वन मेले का भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। यह मेला राज्य वन विभाग और सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य वनों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देना है।
मेले में देश-विदेश से विशेषज्ञ, शोधकर्ता, पर्यावरण प्रेमी और आम नागरिक भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उद्घाटन अवसर पर वनों के महत्व, पर्यावरण संतुलन और आदिवासी समुदायों की भूमिका पर अपने विचार भी साझा करेंगे। यह आयोजन मध्यप्रदेश को वन संरक्षण और हरित विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जड़ी-बूटियों और वनोपज के स्टॉल रहेंगे आकर्षण का केंद्र
अंतरराष्ट्रीय वन मेले में जड़ी-बूटियों और वनोपज से जुड़े सैकड़ों स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां औषधीय पौधों, आयुर्वेदिक उत्पादों और प्राकृतिक स्वास्थ्य सामग्री की प्रदर्शनी की जाएगी। इन स्टॉल्स पर विशेषज्ञों द्वारा जड़ी-बूटियों के औषधीय गुणों, उनके पारंपरिक उपयोग और आधुनिक महत्व की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही बांस, तेंदूपत्ता, लाख, शहद और अन्य वनोपज से बने उत्पाद भी उपलब्ध रहेंगे। यह मेला वनवासी समुदायों, स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर देगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और पारंपरिक ज्ञान को व्यापक मंच मिलेगा।
दाल-पानिया और गोंडी व्यंजनों के साथ सांस्कृतिक रंग
मेले में आने वाले लोग जड़ी-बूटियों और वनोपज की जानकारी के साथ-साथ पारंपरिक आदिवासी व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे। फूड स्टॉल्स पर दाल-पानिया, गोंडी, कोदो-कुटकी से बने व्यंजन, महुआ आधारित खाद्य पदार्थ और अन्य पारंपरिक डिशेज उपलब्ध होंगी। ये व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि पोषण से भरपूर और प्राकृतिक भी हैं। इसके अलावा, आदिवासी लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां भी होंगी, जो मेले को और आकर्षक बनाएंगी। आयोजकों के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय वन मेला भोपालवासियों के लिए प्रकृति, संस्कृति और स्वाद का एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।


