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    भोपाल में कोहरे की चादर, सड़कों पर खतरा: 20 जिलों में स्कूलों की छुट्टी, टाइमिंग बढ़ाकर खोले गए स्कूल

    घने कोहरे ने रोकी रफ्तार, जनजीवन हुआ प्रभावित

    भोपाल में सुबह के समय घना कोहरा छा जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थिति यह रही कि कई इलाकों में दृश्यता घटकर मात्र 20 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया। ऑफिस जाने वाले लोग, स्कूल बसें और सार्वजनिक परिवहन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भी कोहरे का असर देखा गया, जहां कुछ उड़ानों और ट्रेनों के संचालन में देरी हुई। ठंड के साथ-साथ कोहरे ने शहर की रफ्तार को थाम दिया। सुबह-सुबह निकलने वाले वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट के सहारे चलना पड़ा, फिर भी हादसे का खतरा बना रहा।

    20 जिलों में स्कूल बंद, भोपाल में बदली गई टाइमिंग

    घने कोहरे और बढ़ती ठंड को देखते हुए मध्यप्रदेश के 20 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, राजधानी भोपाल में स्कूलों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया, बल्कि उनकी टाइमिंग बढ़ा दी गई है। अब स्कूल सामान्य समय से देर से शुरू होंगे, ताकि बच्चों को सुबह के घने कोहरे में बाहर न निकलना पड़े। इस फैसले को लेकर अभिभावकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोगों का कहना है कि छुट्टी बेहतर विकल्प होता, वहीं कुछ ने टाइमिंग बढ़ाने के निर्णय को संतुलित कदम बताया।

    सड़क हादसों का खतरा, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

    घने कोहरे के चलते सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। भोपाल पुलिस और प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की अपील की है। खास तौर पर सुबह और देर रात यात्रा करने से बचने, तेज रफ्तार न चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। हाईवे और व्यस्त सड़कों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़ी एडवाइजरी का पालन करें। घना कोहरा न सिर्फ परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि लापरवाही की स्थिति में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

    Sanjay
    Author: Sanjay

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