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भोपाल में 2000 लोगों की सेहत खतरे में: कुएं में मिल रहा सीवेज, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

खानूगांव में पेयजल संकट, गंदा पानी पीने को मजबूर लोग

भोपाल के खानूगांव इलाके में पेयजल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। यहां करीब 2000 से अधिक लोग मजबूरी में गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की सप्लाई कुएं के माध्यम से होती है, लेकिन उसी कुएं में सीवेज का पानी मिल रहा है।

इसके बावजूद लंबे समय से कोई ठोस समाधान नहीं किया गया। रहवासियों ने बताया कि पानी से बदबू आती है और उसका रंग भी साफ नहीं होता, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। कई लोगों को पेट दर्द, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायत भी सामने आ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।

पार्षद ने बनाया वीडियो, सीवेज मिलते पानी का किया खुलासा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय पार्षद ने कुएं में सीवेज का पानी जाते हुए वीडियो बनाया और इसे सार्वजनिक किया। पार्षद का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और जल विभाग के अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी, लेकिन किसी ने समय पर ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि अधिकारी न तो मौके पर पहुंचते हैं और न ही फोन कॉल का जवाब देते हैं। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नाले का गंदा पानी सीधे कुएं में जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र की जल आपूर्ति दूषित हो रही है। पार्षद ने इसे प्रशासन की घोर लापरवाही बताया और कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह मामला किसी बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है।

प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, समाधान की मांग तेज

खानूगांव के रहवासियों और जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम और संबंधित विभागों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। लोगों की मांग है कि तुरंत कुएं को सीवेज से अलग किया जाए, पानी की शुद्धता की जांच कराई जाए और वैकल्पिक स्वच्छ जल व्यवस्था की जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीवेज मिला पानी पीना बेहद खतरनाक है और इससे हैजा, टायफाइड और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। यह मामला केवल खानूगांव तक सीमित नहीं, बल्कि शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाता है या लोग यूं ही गंदा पानी पीने को मजबूर रहते हैं।

Sanjay
Author: Sanjay

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