चार दशक पुरानी पाइपलाइन से हो रही भारी परेशानी
पुराने भोपाल के कई इलाकों में चार दशक पुरानी पानी की पाइपलाइन अब लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी है। समय के साथ पाइपलाइन पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे जगह-जगह लीकेज हो रहा है। कई मोहल्लों में पीने के पानी की लाइन में सीवर का गंदा पानी मिल रहा है, जो सीधे घरों की रसोई तक पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी से बदबू आती है और उसका रंग भी कई बार बदला हुआ नजर आता है। मजबूरी में लोग वही पानी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सेहत पर खतरा बढ़ गया है। कई परिवारों ने पेट दर्द, उल्टी और त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायत भी की है।
निवासियों के आरोप: शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर नगर निगम और जल विभाग में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। कुछ जगहों पर अस्थायी मरम्मत जरूर की गई, लेकिन कुछ ही दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो गए। लोगों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन को बदले बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं, जब सीवर ओवरफ्लो होकर पेयजल लाइन में मिल जाता है। कई मोहल्लों में लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी, प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सीवर मिला पानी पीने से हैजा, टाइफाइड, पीलिया और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही इस्तेमाल किया जाए। वहीं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर पाइपलाइन को तत्काल बदला जाए और पूरे क्षेत्र में जल गुणवत्ता की जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।


