अचानक सड़क पर गिरा युवक, मची अफरा-तफरी
भोपाल के नादरा बस स्टैंड चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अचानक चलते-चलते सड़क पर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को अचानक चक्कर आया और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया।
कुछ ही पलों में आसपास मौजूद लोग जमा हो गए, लेकिन किसी को समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। युवक की सांसें रुकती हुई महसूस हो रही थीं और उसकी हालत गंभीर नजर आ रही थी। इस दौरान ट्रैफिक भी प्रभावित हो गया और लोगों में घबराहट का माहौल बन गया। समय पर मदद न मिलने की स्थिति में युवक की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर ने दिखाई सूझबूझ
इसी बीच मौके पर मौजूद एक सब-इंस्पेक्टर ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत समझा और बिना देर किए युवक को सीपीआर देना शुरू किया। पुलिस अधिकारी ने सड़क पर ही प्राथमिक उपचार करते हुए युवक की छाती को दबाकर सांस बहाल करने की कोशिश की। कुछ ही मिनटों की कोशिश के बाद युवक की सांसें धीरे-धीरे चलने लगीं। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। सब-इंस्पेक्टर की तत्परता और प्रशिक्षण के कारण युवक की जान बच सकी। इसके बाद एंबुलेंस को सूचना दी गई और युवक को नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत अब स्थिर बताई है।
पुलिस की तत्परता की सराहना, सीपीआर प्रशिक्षण की अहमियत
इस घटना के बाद लोगों ने पुलिस अधिकारी की जमकर सराहना की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय पर सीपीआर नहीं दिया जाता तो युवक की जान बचाना मुश्किल हो सकता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि आपात स्थिति में आम नागरिकों की मदद की जा सके। डॉक्टरों का भी कहना है कि अचानक हार्ट अटैक या सांस रुकने की स्थिति में पहले कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर सही कदम उठाने से किसी की जान बचाई जा सकती है। लोगों ने मांग की है कि आम नागरिकों को भी सीपीआर का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि ऐसे हादसों में और ज्यादा जानें बचाई जा सकें।


