
भोपाल सहित मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में बिजली व्यवस्था में बड़ा तकनीकी बदलाव देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने कार्यक्षेत्र में तेजी से स्मार्ट मीटर स्थापित कर रही है। अब तक कुल 6 लाख 57 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
किन संभागों में कितने स्मार्ट मीटर
कंपनी के अनुसार, स्मार्ट मीटर स्थापना का काम:
- भोपाल
- नर्मदापुरम
- ग्वालियर
- चंबल
संभाग के 16 जिलों में किया जा रहा है। इनमें सबसे अधिक स्मार्ट मीटर भोपाल शहर वृत्त में लगाए गए हैं, जहां आंकड़ा 3.30 लाख से ज्यादा पहुंच चुका है।
क्या बदला स्मार्ट मीटर से?
स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई व्यावहारिक बदलाव सामने आए हैं:
- मीटर रीडिंग अब ऑटोमैटिक और तय समय पर हो रही है
- बिलिंग में देरी और अनुमानित बिल की समस्या घटी
- उपभोक्ताओं को रियल-टाइम खपत डेटा उपलब्ध हो रहा है
- शिकायतों और सुधार की प्रक्रिया पहले से तेज हुई है
हालांकि, कंपनी का कहना है कि यह एक प्रक्रियागत सुधार है, न कि किसी प्रकार की प्रचार योजना।
दिन के टैरिफ में कैसे मिल रही 20% छूट?
नए टैरिफ ऑर्डर के तहत जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, उन्हें सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली की खपत पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
यह छूट बिल में अलग कॉलम में दर्शाई जा रही है। दिसंबर की खपत का बिल, जो जनवरी में जारी हुआ, उसमें यह अंतर स्पष्ट रूप से दिखाया गया है।
आगे क्या है योजना?
कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं। आने वाले महीनों में और जिलों में स्मार्ट मीटर कवरेज बढ़ने की संभावना है, जिससे बिजली वितरण प्रणाली पूरी तरह डिजिटल ट्रैकिंग की ओर बढ़ेगी।
स्मार्ट मीटर को लेकर फिलहाल जोर सटीक बिलिंग, पारदर्शिता और उपभोक्ता सुविधा पर है। यह बदलाव लंबे समय में बिजली खपत के पैटर्न को समझने और ऊर्जा दक्षता सुधारने में मददगार साबित हो सकता है, हालांकि इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा।


