बाघ मूवमेंट क्षेत्र में विकसित हुआ चंदनपुरा नगर वन
भोपाल के चंदनपुरा क्षेत्र में विकसित किया गया नया नगर वन अब आम लोगों के लिए प्रकृति से जुड़ने का एक अनूठा अवसर बनकर सामने आया है। यह नगर वन उस क्षेत्र में विकसित किया गया है, जहां पहले बाघों और अन्य वन्यजीवों की मूवमेंट दर्ज की जाती रही है।
वन विभाग और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से इस इलाके को संरक्षित रखते हुए पर्यावरण अनुकूल तरीके से विकसित किया गया है। जंगल के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए यहां पैदल पथ, बैठने की व्यवस्था, सूचना बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि वन्यजीवों के आवास को कोई नुकसान न पहुंचे और लोग भी सुरक्षित रूप से प्रकृति का आनंद ले सकें।
स्कूली बच्चों ने किया नगर वन का पहला भ्रमण
चंदनपुरा नगर वन का सबसे पहले भ्रमण भोपाल के विभिन्न स्कूलों से आए स्कूली बच्चों ने किया। बच्चों को वन भ्रमण के दौरान जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि किस तरह यह क्षेत्र बाघों के मूवमेंट के लिए जाना जाता रहा है और कैसे विकास व संरक्षण के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। बच्चों ने जंगल की पगडंडियों पर चलते हुए पेड़-पौधों, पक्षियों और प्राकृतिक वातावरण को करीब से देखा। यह भ्रमण बच्चों के लिए न केवल शैक्षणिक रहा बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने का भी माध्यम बना।
12 रुपए में आम लोग कर सकेंगे प्राकृतिक सफर
नगर वन को आम जनता के लिए भी खोल दिया गया है, जहां लोग मात्र 12 रुपए की नाममात्र प्रवेश शुल्क देकर भ्रमण कर सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग प्रकृति से जुड़ें और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझें। यहां सुबह और शाम के समय भ्रमण की सुविधा रहेगी, वहीं सुरक्षा के लिए गार्ड और निगरानी व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि नगर वन को ईको-टूरिज्म के मॉडल के रूप में विकसित किया गया है, ताकि शहर के बीचों-बीच लोगों को जंगल जैसा अनुभव मिल सके। भविष्य में यहां नेचर एजुकेशन प्रोग्राम, गाइडेड टूर और जागरूकता गतिविधियां भी शुरू करने की योजना है।


