मध्य प्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए QR कोड आधारित जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। यह तकनीक आम लोगों को फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे जाल से बचाएगी।

पहल का उद्देश्य
प्रदेश में साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं, जैसे वीडियो कॉल पर डराकर पैसे मांगना। QR कोड स्कैन करने पर तुरंत सटीक सलाह मिलेगी कि ऐसी स्थिति में क्या करें। साइबर पुलिस के नेतृत्व में यह व्यवस्था मार्च 2026 से लागू हो सकती है।
QR कोड कैसे काम करेगा
- कोड स्कैन करने पर साइबर अपराध से बचाव के सरल टिप्स दिखेंगे, जैसे फर्जी कॉल नोटिस पहचानना।
- हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल का डायरेक्ट लिंक मिलेगा, शिकायत तुरंत दर्ज कराएं।
- सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक के सुरक्षित उपयोग की गाइड मिलेगी।
कहां लगेंगे QR कोड
ये कोड भोपाल समेत पूरे एमपी के बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी और निजी कार्यालयों पर प्रमुख जगहों पर लगेंगे। व्यापक प्रचार से ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक होंगे। निजी संस्थानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय
साइबर पुलिस अधीक्षक प्रणय नागवंशी ने कहा, “जागरूकता ही साइबर अपराधों का सबसे बड़ा हथियार है।” QR कोड से एडवाइजरी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी। यह डिजिटल युग में लोगों को सशक्त बनाएगा।
फायदे और अपील
यह कदम साइबर फ्रॉड के शिकार होने से पहले ही रोकथाम करेगा। नागरिकों से अपील है कि संदिग्ध कॉल आने पर QR कोड चेक करें। इससे नुकसान से पहले मदद मिलेगी।


