धर्म परिवर्तन के आरोपों पर सड़क पर उतरा किन्नर समाज
भोपाल में किन्नर समाज के बीच चल रहे आंतरिक विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब कुछ किन्नरों ने सार्वजनिक रूप से हंगामा करते हुए धर्म परिवर्तन कराने के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि समाज के भीतर कुछ प्रभावशाली लोग दबाव बनाकर पहचान और आस्था बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर नारेबाजी हुई और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। घटना के चलते कुछ देर के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया, हालांकि किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
विहिप–बजरंग दल का हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। संगठनों ने आरोप लगाया कि यदि किन्नर समाज के लोगों पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा है, तो यह कानून और सामाजिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की। संगठनों का कहना था कि सच सामने लाने के लिए संबंधित लोगों के बयान, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच जरूरी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले को दबाने की कोशिश हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
सुरैया का पलटवार: बोलीं—यह सिर्फ गद्दी की लड़ाई है
विवाद के केंद्र में आईं सुरैया ने धर्म परिवर्तन के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह मामला आस्था का नहीं, बल्कि गद्दी और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है। उनका कहना है कि किन्नर समाज में नेतृत्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और कुछ लोग अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। सुरैया ने स्पष्ट किया कि किसी पर भी जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव नहीं डाला गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


