
मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शिवपुरी में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अश्लील वीडियो कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने वाले नेटवर्क को पकड़ लिया। इस ऑपरेशन में 20 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ बड़ी मात्रा में नकदी, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत कार्रवाई
राज्य स्तर पर चलाए जा रहे साइबर अभियान के तहत पुलिस ने कई टीमों को सक्रिय किया। जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को ऑनलाइन जाल में फंसाकर डराने और पैसे ऐंठने का संगठित तरीका अपनाते थे।
अब तक की बड़ी रिकवरी:
करीब 1.07 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति,29 मोबाइल फोन, 7 चार पहिया वाहन और 1 मोटरसाइकिल, नकद राशि और कई बैंक पासबुक एवं ATM कार्ड और सिम कार्ड ज़ब्त किये गए।
कैसे काम करता था गिरोह?
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी
- महिलाओं के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाते थे
- वीडियो कॉल और चैट के जरिए लोगों को फंसाते थे
- रिकॉर्डिंग कर बाद में ब्लैकमेल करते थे
- खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डिजिटल गिरफ्तारी या गंभीर केस में फंसाने की धमकी देते थे
- केस खत्म कराने के नाम पर पैसे वसूलते थे
इसके अलावा फर्जी लोन, क्रेडिट कार्ड से अवैध ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय धोखाधड़ी भी सामने आई है।
कई ऑनलाइन ऐप्स के जरिए बनाते थे शिकार
पुलिस के अनुसार, गिरोह वीडियो चैट और सोशल प्लेटफॉर्म जैसे HIIU, MIKA, TOKKI, ELOELO, HANI, SUGO, GAGA, COMMECTO, HITSU, HONEY एवं COMET का इस्तेमाल कर लोगों तक पहुंचता था। अनजान वीडियो कॉल या निजी जानकारी शेयर करने वाले लोग इनके आसान शिकार बन जाते थे।
साइबर अपराध पर सख्त नजर
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


