बैरसिया में समीक्षा बैठक, प्रशासन अलर्ट
भोपाल जिले के बैरसिया क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर ने स्वयं बैरसिया पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखी जाए और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाए। प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। इसी कारण जिला प्रशासन ने निगरानी तंत्र को सक्रिय कर दिया है।
किसानों को समझाइश, वैकल्पिक उपायों पर जोर
कलेक्टर ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि पराली जलाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। इससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है और लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। अधिकारियों ने किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी, जैसे हैप्पी सीडर और अन्य कृषि उपकरणों का उपयोग। प्रशासन ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाकर किसान बिना आग लगाए अवशेषों का निस्तारण कर सकते हैं। किसानों से अपील की गई कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें और नियमों का पालन करें।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने साफ किया है कि समझाइश के बावजूद यदि कोई किसान पराली जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राजस्व और कृषि विभाग की टीमें नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करेंगी। साथ ही, ग्राम स्तर पर निगरानी समितियां भी सक्रिय की जाएंगी। कलेक्टर ने कहा कि उद्देश्य किसानों को दंडित करना नहीं, बल्कि जागरूक करना है। हालांकि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सख्ती भी आवश्यक है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके।


