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    होमBhopal ( M.P )होली की खुशी मातम में बदली: भांग पीकर नाचते-नाचते प्रोफेसर की मौत

    होली की खुशी मातम में बदली: भांग पीकर नाचते-नाचते प्रोफेसर की मौत

    होली का जश्न बना जानलेवा

    होली के रंगों और खुशियों के बीच एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक निजी कॉलेज में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की होली के दिन भांग पीने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे अपने दोस्तों और परिचितों के साथ होली का जश्न मना रहे थे।

    रंग-गुलाल के बीच संगीत पर नाचते समय उन्होंने भांग का सेवन किया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर बाद उन्हें चक्कर आने लगे और वे अचानक जमीन पर गिर पड़े। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य नशे का असर समझा, लेकिन हालत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने होली के उत्साह को पलभर में शोक में बदल दिया।

    परिजनों का आरोप: दूध में मिलाई गईं 6 गोलियां

    मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर को जानबूझकर अधिक मात्रा में भांग दी गई थी। परिवार के अनुसार, एक लीटर दूध में भांग की छह गोलियां मिलाई गई थीं, जो सामान्य मात्रा से कहीं अधिक थी। परिजनों का कहना है कि इतनी अधिक मात्रा किसी भी व्यक्ति के लिए खतरनाक हो सकती है, खासकर यदि उसे पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या हो। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पोस्टमार्टम कराया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में अत्यधिक नशे और शरीर पर उसके दुष्प्रभावों को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

    जिम्मेदारी और सतर्कता की जरूरत

    यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। त्योहारों पर उत्साह और उमंग के बीच लोग अक्सर नशे की मात्रा का ध्यान नहीं रखते, जिससे अनहोनी हो सकती है। भांग को पारंपरिक रूप से होली से जोड़ा जाता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप या अन्य बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए नशीले पदार्थों का सेवन और भी जोखिमभरा होता है। इस दुखद घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार मनाते समय संयम और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके और खुशियों का पर्व सुरक्षित तरीके से मनाया जा सके।

    Sanjay
    Author: Sanjay

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