मां का दूध नवजातों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध किसी अमृत से कम नहीं माना जाता। डॉक्टरों के अनुसार मां का दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इसी कारण इसे नवजात के लिए “पहला टीका” भी कहा जाता है।
जन्म के बाद शिशु को मिलने वाला पहला दूध यानी कोलोस्ट्रम पोषण और एंटीबॉडी से भरपूर होता है। यह बच्चे को संक्रमण से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। कई बार ऐसी परिस्थितियां भी होती हैं जब मां किसी कारणवश अपने बच्चे को दूध नहीं पिला पाती। ऐसे मामलों में ह्यूमन मिल्क बैंक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
भोपाल बना सेंट्रल इंडिया का प्रमुख केंद्र
सेंट्रल इंडिया में भोपाल ऐसा शहर बन गया है जहां सरकारी स्तर पर तीन ह्यूमन मिल्क बैंक संचालित हो रहे हैं। यह व्यवस्था नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ह्यूमन मिल्क बैंक में दान की गई माताओं के दूध को सुरक्षित तरीके से संग्रहित और प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद जरूरतमंद नवजातों को यह दूध उपलब्ध कराया जाता है। खासकर समय से पहले जन्मे या कमजोर बच्चों के लिए यह दूध जीवनरक्षक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधा से शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिलेगी।
हमीदिया अस्पताल में इसी महीने शुरू होगी सुविधा
भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इसी महीने एक नया ह्यूमन मिल्क बैंक शुरू किया जा रहा है। इससे अस्पताल में भर्ती नवजात शिशुओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस सुविधा के शुरू होने से उन बच्चों को भी मां का दूध मिल सकेगा जिनकी माताएं किसी कारणवश स्तनपान नहीं करा पा रही हैं। दूध दान करने वाली माताओं की स्वास्थ्य जांच के बाद ही दूध लिया जाएगा और उसे विशेष तकनीक से सुरक्षित रखा जाएगा।
डॉक्टरों का कहना है कि यह पहल नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे समाज में भी माताओं के बीच दूध दान करने की जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सकेगा।


