मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। आगामी शैक्षणिक सत्र से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उपस्थिति प्रणाली को पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बनाना है।

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में अब विद्यार्थियों की उपस्थिति को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
डिजिटल अटेंडेंस से बढ़ेगी पारदर्शिता
मंत्री ने कहा कि अब तक जहां उपस्थिति पारंपरिक तरीके से दर्ज होती थी, वहीं नई प्रणाली में मोबाइल ऐप के जरिए रियल टाइम अटेंडेंस रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे फर्जी उपस्थिति और अनियमितता पर रोक लगेगी।
अच्छी उपस्थिति पर मिलेगा अतिरिक्त लाभ
नई व्यवस्था के तहत नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को अकादमिक क्रेडिट भी दिया जाएगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के प्रति अधिक गंभीर और नियमित बनने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
शिक्षकों की तरह छात्रों की भी होगी निगरानी
सार्थक ऐप के जरिए पहले से ही शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है। अब विद्यार्थियों को भी इस सिस्टम से जोड़ने पर कॉलेजों में डिजिटल मॉनिटरिंग पूरी तरह लागू हो जाएगी, जिससे प्रशासन को सटीक डेटा मिलेगा।
मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में मूल्यांकन प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस
सरकार का लक्ष्य संस्थानों में बेहतर माहौल, पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करना है। डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


