सीमित बसों पर टिका शहर का परिवहन सिस्टम
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था इन दिनों लड़खड़ाती नजर आ रही है। शहर में पर्याप्त बसों की कमी के कारण पूरा सिस्टम केवल लगभग 60 बसों के सहारे चल रहा है। बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या के मुकाबले यह संख्या बेहद कम है, जिससे लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर ऑफिस जाने वाले और छात्रों के लिए समय पर यात्रा करना चुनौती बन गया है।
EV बसों का इंतजार, योजना पर काम जारी
शहर में इलेक्ट्रिक बसों (EV बसों) के संचालन की योजना लंबे समय से बनाई जा रही है, लेकिन अब तक इसका इंतजार खत्म नहीं हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही EV बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा, जिससे परिवहन व्यवस्था में सुधार आएगा। हालांकि, योजना में हो रही देरी के कारण वर्तमान में यात्रियों को पुरानी व्यवस्था पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
गर्मी में सफर बना मुश्किल, यात्रियों की बढ़ी दिक्कतें
गर्मी के मौसम में कम बसों के कारण यात्रियों की परेशानी और भी बढ़ गई है। भीड़भाड़ के चलते लोगों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है, जिससे असुविधा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो रही हैं। कई यात्रियों ने शिकायत की है कि बसें समय पर नहीं आतीं और अक्सर ओवरलोड रहती हैं, जिससे यात्रा और अधिक कठिन हो जाती है।
सुधार की मांग, प्रशासन से उम्मीदें
इस स्थिति को देखते हुए शहरवासियों ने प्रशासन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि बसों की संख्या बढ़ाई जाए और नई EV बसों को जल्द शुरू किया जाए। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस समस्या का समाधान निकलेगा और यात्रियों को राहत मिलेगी।


