मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया है, जिसने बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा पर ही प्रश्न खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इंदौर की ICICI बैंक की विजयनगर शाखा के कर्मचारियों की मिलीभगत से, और बैंक के सॉफ़्टवेयर का दुरुपयोग करते हुए ग्राहकों के खातों से करोड़ों रुपये निकाल लिए। इन निकले हुए पैसों से उन्होंने महंगे गैजेट्स और सोना खरीदा।

इस घोटाले के उजागर होने के बाद पुलिस ने इस मामले में ICICI बैंक के विजयनगर शाखा के कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह द्वारा इंदौर सहित पंजाब, गुजरात और तेलंगाना के व्यापारियों को भी अपना शिकार बनाया था। इस मामले में मुख्य आरोपी कमल कुमावत और उसके सहयोगी अभिषेक मालवीय ने बैंक के सॉफ़्टवेयर का उपयोग कर ग्राहकों के खातों के पासवर्ड बदले और फिर ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से एप्पल 16 प्रो मैक्स, सैमसंग एस 24 अल्ट्रा जैसे महंगे फोन, गैजेट्स और सोना ख़रीदा।
इस घोटाले का पता तब चला जब बैंक ने पाया कि बिना ग्राहकों की जानकारी के करंट अकाउंट्स से बड़ी रकम निकाल ली गई है। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपियों से करीब 20 लाख रुपये के महंगे गैजेट्स और 52 लाख रुपये की धनराशि बरामद की है। इसके अलावा यह लोग तनिष्क ऐप से ई-गोल्ड भी खरीद चुके थे।
ऐसी घटना बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और विश्वास को झकझोरने वाली है, जिससे बैंकिंग प्रणाली की सख्ती से निगरानी की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो गई है।


