महीनों से परेशान कर रहा था प्राचार्य, शिक्षिका ने बताई घटना की पूरी कहानी
भोपाल के एक नामी निजी स्कूल में कार्यरत महिला शिक्षिका ने स्कूल प्राचार्य पर गंभीर छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिक्षिका के अनुसार प्राचार्य पिछले कई महीनों से उन्हें परेशान कर रहा था। वह अक्सर स्टाफ रूम में अकेले बुलाता था, अनचाही बातें करता था और काम के बहाने उनके पास आने का प्रयास करता था।
शिक्षिका ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने प्राचार्य के व्यवहार को नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन समय बीतने के साथ उसकी हरकतें बढ़ती गईं। प्राचार्य उनके पहनावे, निजी जीवन और व्यक्तित्व पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्राचार्य ने अनचाहा शारीरिक स्पर्श करने की भी कोशिश की, जिससे वे बेहद असहज हो जाती थीं।
जब शिक्षिका ने विरोध किया तो प्राचार्य ने नौकरी से निकालने की धमकी दी। लगातार तनाव और मानसिक दबाव के कारण शिक्षिका ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई और फिर पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया, प्राचार्य से पूछताछ जारी
शिकायत मिलते ही पुलिस ने IPC की धारा 354, 354A और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि शिक्षिका का विस्तृत बयान दर्ज कर लिया गया है और मेडिकल प्रक्रियाएँ भी पूरी की जा रही हैं।
पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से दस्तावेज, ड्यूटी चार्ट और पिछले कुछ महीनों की CCTV फुटेज मांगी है। फुटेज को सुरक्षित कर जांच टीम को भेजा गया है ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि आरोपित घटनाओं के दौरान कौन-कौन मौजूद था और क्या-क्या गतिविधियाँ हुई थीं।
प्राचार्य को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है। पूछताछ के दौरान प्राचार्य ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि शिक्षिका ने जानबूझकर उन्हें फंसाया है। उनका कहना है कि कुछ दिनों पहले स्कूल में प्रशासनिक बदलाव को लेकर आइडिया और निर्णयों पर मतभेद हुआ था, जिसके कारण शिक्षिका ने बदले की भावना से शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और सबूतों के आधार पर की जाएगी। दोनों पक्षों के बयान, डिजिटल फुटेज और स्टाफ से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
स्कूल स्टाफ में दहशत, कई शिक्षिकाओं ने भी उठाई चिंता
इस घटना का असर स्कूल के स्टाफ पर भी साफ दिख रहा है। महिला शिक्षिका के आरोपों के बाद कई महिला कर्मचारियों ने भी चिंता जताई है। कुछ कर्मचारियों ने यह दावा किया कि प्राचार्य का व्यवहार पहले भी कई बार अनुचित रहा है, लेकिन प्रबंधन द्वारा कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
स्टाफ के अनुसार, प्राचार्य अक्सर महिला शिक्षिकाओं से व्यक्तिगत बातें करता था और कभी-कभी मीटिंग के दौरान भी अनुचित भाषा का इस्तेमाल करता था। कई शिक्षिकाओं को उसकी मौजूदगी में असहज महसूस होता था, लेकिन नौकरी खोने के डर से वे खुलकर शिकायत नहीं कर पाती थीं।
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने प्राचार्य को अस्थायी रूप से अवकाश पर भेज दिया है और जांच पूरी होने तक प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी एक वरिष्ठ कर्मचारी को सौंप दी है। स्कूल प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा है कि संस्था पूरी तरह पुलिस जांच में सहयोग करेगी और किसी भी तरह की महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।


