राजगढ़ में रिकॉर्ड तोड़ ठंड, जनजीवन हुआ प्रभावित
मध्यप्रदेश में शीतलहर ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। राजगढ़ जिले में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया।
सुबह के समय सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता बेहद कम हो गई। ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए, वहीं गरीब और असहाय वर्ग के लिए यह ठंड परेशानी का कारण बन रही है। ठंड बढ़ने से बुजुर्गों और बच्चों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में खेतों पर पाला पड़ने की आशंका से किसान चिंतित हैं, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
भोपाल समेत कई जिलों में ठिठुरन, स्कूल और दफ्तरों पर असर
राजधानी भोपाल में भी ठंड ने लोगों को ठिठुरा दिया है। सुबह और देर रात सर्द हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। कोहरे के कारण सुबह के समय यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। कई स्थानों पर स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड बढ़ने के चलते कुछ जिलों में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। कार्यालयों और बाजारों में सुबह के समय रौनक कम नजर आई, जबकि दोपहर में धूप निकलने पर थोड़ी राहत मिली। स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का अलर्ट, अगले कुछ दिन और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के कारण मध्यप्रदेश में शीतलहर का प्रभाव बना हुआ है। आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। खासकर रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में ठंड ज्यादा महसूस की जाएगी। लोगों को सुबह और रात के समय बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड में गर्म कपड़े पहनें, गरम पेय पदार्थ लें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन ने भी जरूरतमंदों के लिए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।


