अंतरराष्ट्रीय मंच पर कैंसर उपचार पर विशेषज्ञों की बड़ी चर्चा
मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि फेफड़ों और स्तन कैंसर के अत्याधुनिक उपचार पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एम्स भोपाल की वरिष्ठ ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इस सम्मेलन में दुनियाभर के कैंसर विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और मेडिकल वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में नई तकनीकों, जीन आधारित उपचार, इम्यूनोथैरेपी और शुरुआती पहचान के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते निदान और सही तकनीक का उपयोग मरीजों के जीवनकाल में बड़ा अंतर ला सकता है। यह सम्मेलन कैंसर उपचार के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
एम्स भोपाल की डॉक्टर ने प्रस्तुत किए शोध, देश की उपलब्धियों पर भी डाली रोशनी
सम्मेलन में एम्स भोपाल की डॉक्टर ने फेफड़ों और स्तन कैंसर से जुड़े अपने शोध, मरीजों पर किए गए क्लिनिकल अवलोकन और आधुनिक उपचार पद्धतियों के प्रभाव को प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति को अंतरराष्ट्रीय चिकित्सकों ने खूब सराहा।
उन्होंने बताया कि भारत में तेजी से विकसित हो रही मेडिकल तकनीकें आज बड़ी संख्या में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करा रही हैं। खासकर मॉलिक्युलर डायग्नोसिस, टार्गेटेड थेरेपी और एडवांस्ड रेडिएशन सिस्टम जैसे तरीके कैंसर के खिलाफ जंग में अत्यधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं।
एम्स भोपाल की टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर जागरूकता, प्रारंभिक स्क्रीनिंग और महिलाओं में स्तन कैंसर के लिए आयोजित कैंपों की रिपोर्ट भी साझा की, जिसे वैश्विक स्तर पर सराहना मिली।
फेफड़ों और स्तन कैंसर के लिए नई तकनीकों पर दिया गया विशेष जोर
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि फेफड़ों और स्तन कैंसर तेजी से बढ़ते मामलों में शामिल हैं, लेकिन आधुनिक तकनीकों के कारण अब इनका इलाज पहले से अधिक प्रभावी हो गया है।
फेफड़ों के कैंसर में ‘इम्यूनोथैरेपी’ और ‘टार्गेटेड मेडिसिन’ को आशाजनक बताया गया, जो कैंसर कोशिकाओं को सीधे निशाना बनाती हैं। वहीं, स्तन कैंसर के प्रारंभिक चरण में ‘मॉडर्न इमेजिंग’, ‘रोबोटिक सर्जरी’ और ‘प्रिसीजन मेडिसिन’ के उपयोग पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में कैंसर उपचार और भी सुरक्षित, सटीक और प्रभावी होगा, जिससे मरीजों की जीवन-गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस चर्चा में एम्स भोपाल द्वारा उपयोग की जा रही तकनीकों को भी मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।


