प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर राज्य में “संस्थागत भ्रष्टाचार” के गंभीर आरोप लगाए। पत्र में पटवारी ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार अब व्यक्तिगत मामलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकारी तंत्र और संस्थाओं में गहराई तक फैल चुका है
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक फैसलों से लेकर नियुक्तियों, ठेकों और योजनाओं के क्रियान्वयन तक में अनियमितताएं हो रही हैं। पटवारी का कहना है कि इससे न केवल जनता का भरोसा टूट रहा है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था भी कमजोर हो रही है। उन्होंने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री का ध्यान राज्य की स्थिति की ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री से इस्तीफा लेने की मांग, सरकार पर सीधा हमला
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की है। उन्होंने लिखा कि जब पूरे शासन तंत्र पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हों, तब मुख्यमंत्री का पद पर बने रहना प्रदेश की जनता के साथ अन्याय है। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भ्रष्टाचार की यह जड़ें और गहरी होती जाएंगी, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
सियासी घमासान तेज, जवाब का इंतजार
पटवारी के पत्र के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है, वहीं सत्तापक्ष की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पत्र आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। विपक्ष इसे जनता के मुद्दों से जोड़कर सड़क से लेकर सदन तक उठाने की तैयारी में है। वहीं, आम जनता भी यह जानना चाहती है कि प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्य सरकार इस पर क्या रुख अपनाते हैं। कुल मिलाकर, जीतू पटवारी का यह पत्र मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नए विवाद की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में और गहराने की संभावना है।


