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    फर्जी कॉल बना जानलेवा: ‘ब्लास्ट केस में नाम’ बताकर धमकाया, भोपाल के एडवोकेट ने डर में दे दी जान

    फर्जी कॉल से बढ़ा तनाव, एडवोकेट मानसिक दबाव में आए

    भोपाल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक एडवोकेट ने साइबर ठगों की धमकी भरी कॉल से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पहले एडवोकेट को अज्ञात नंबर से कॉल आया था, जिसमें खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताने वाले शख्स ने कहा— “दिल्ली ब्लास्ट केस में आपका नाम आया है, आपको जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा।”
    ये सुनकर एडवोकेट घबरा गए और लगातार मानसिक तनाव में रहने लगे। परिवार ने बताया कि वे कॉल के बाद बेहद चिंतित रहते थे और बार-बार कहते थे कि कहीं उन्हें सच में गिरफ्तार न कर लिया जाए। अपराधियों ने उन्हें डराने और ठगी का शिकार बनाने के लिए कई बार धमकी भरे फोन किए, जिससे उनका तनाव और बढ़ गया।

     परिजनों का बयान— कॉल के बाद बदल गया व्यवहार, मदद मांगने में झिझके

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह पहले बिल्कुल सामान्य थे, लेकिन कॉल के बाद उनकी दिनचर्या बदल गई। वह कम बोलने लगे, खाना कम करने लगे और हमेशा किसी अनचाहे डर में जी रहे थे। परिजन ने कहा कि उन्होंने कई बार उनसे पूछा कि बात क्या है, लेकिन एडवोकेट ने कहा— “कोई बड़ी मुसीबत आ सकती है, मैं फंस गया हूँ।”
    परिवार को यह अंदाज़ा नहीं था कि कॉल एक साइबर ठगी का हिस्सा है। वे लगातार दबाव में थे लेकिन पुलिस से संपर्क करने में झिझकते रहे। इसी डर और तनाव ने उन्हें गंभीर अवसाद में धकेल दिया, जिसके बाद उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। परिवार और परिचितों में इस घटना से शोक और आक्रोश है।

     पुलिस ने शुरू की जांच, साइबर गिरोह का पता लगाने के प्रयास

    एडवोकेट की आत्महत्या के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। साइबर सेल ने कॉल डिटेल्स खंगालना शुरू कर दिया है ताकि अपराधियों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे फर्जी कॉल हाल के महीनों में लगातार बढ़े हैं, जहाँ ठग लोग खुद को पुलिस, एनआईए या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डराने की कोशिश करते हैं।
    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की धमकी भरी कॉल आने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नज़दीकी थाने में शिकायत दर्ज करें। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन पर गिरफ्तारी की धमकी देना पूरी तरह फर्जी और अवैध है।
    यह घटना साइबर अपराधों की गंभीरता और लोगों में जागरूकता की कमी को उजागर करती है। फिलहाल, पुलिस साइबर ठगों की पहचान में जुटी है और जल्द कार्रवाई का भरोसा दे रही है।

    Sanjay
    Author: Sanjay

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