
ग्वालियर से एक गंभीर उपभोक्ता मामला सामने आया है, जहां कायाकल्प ब्यूटी पार्लर एंड मेकअप स्टूडियो की कथित लापरवाही ने मॉडल के करियर पर गहरा असर डाला। वैक्सिंग के दौरान केमिकल की अधिक मात्रा इस्तेमाल करने से मॉडल का चेहरा बुरी तरह झुलस गया। मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने पार्लर संचालक पर जुर्माना लगाया है।
वैक्सिंग के दौरान हुआ हादसा
साल 2021 में मॉडल प्रज्ञा शुक्ला चेहरे की वैक्सिंग के लिए शहर के एक ब्यूटी पार्लर पहुंची थीं। आरोप है कि स्टाफ ने वैक्स में जरूरत से ज्यादा केमिकल मिला दिया। प्रक्रिया के दौरान केमिकल चेहरे पर फैल गया, जिससे तेज जलन और असहनीय दर्द शुरू हो गया।
आश्वासन मिला, लेकिन हालत बिगड़ती गई
घटना के तुरंत बाद पार्लर संचालक ने लेप लगाकर भरोसा दिलाया कि चेहरा जल्द ठीक हो जाएगा। लेकिन समय बीतने के साथ चेहरे पर घाव और काले निशान उभर आए। करीब एक साल तक कई स्किन स्पेशलिस्ट से इलाज कराने के बावजूद कोई खास सुधार नहीं हुआ।
करियर पर पड़ा असर
डॉक्टरों ने अंततः सर्जरी को ही एकमात्र विकल्प बताया, जिस पर करीब 50 हजार रुपये खर्च आने की बात कही गई। चेहरे की खराब हालत के कारण प्रज्ञा को कई मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स गंवाने पड़े और उनका करियर संकट में आ गया।
उपभोक्ता फोरम का सख्त रुख
न्याय न मिलने पर प्रज्ञा ने 22 सितंबर 2023 को जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई। मामले की अंतिम सुनवाई 16 दिसंबर 2025 को हुई।
फोरम ने 18 जनवरी 2026 को फैसला सुनाते हुए पार्लर संचालक पर:
- 20,000 रूपए का जुर्माना
- 2,000 रूपए कोर्ट खर्च
अदा करने का आदेश दिया। तय समय (45 दिन) में राशि न देने पर 6% वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
फोरम की अहम टिप्पणी
फोरम ने अपने आदेश में कहा कि सौंदर्य सेवाओं में आवश्यक सावधानी और पेशेवर दक्षता बरतना सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी है। इसमें की गई लापरवाही को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवाओं में कमी माना जाएगा।


