हासन ज़िले में हार्ट अटैक से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार सुबह एक 37 वर्षीय ऑटो चालक गोविंदा की सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस एक माह में हासन जिले में दिल के दौरे से 16वीं मौत है, जिससे आम नागरिकों से लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों तक में चिंता बढ़ गई है।

ड्राइव करते समय उठा सीने में दर्द
मृतक गोविंदा सिद्धेश्वर नगर का निवासी था। शनिवार सुबह ऑटो चलाते समय उन्हें सीने में असहनीय दर्द महसूस हुआ। उन्होंने साहस दिखाते हुए खुद ही ऑटो चलाकर ज़िला अस्पताल तक पहुंचे लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
1 महीने में 16 मौतें, उम्र की कोई सीमा नहीं
tv9kannada.com की रिपोर्ट के मुताबिक हासन में मई से जून 2025 तक लगातार दिल के दौरे की घटनाएं सामने आ रही हैं। मृतकों में 20 वर्षीय छात्रा से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक शामिल हैं। निम्नलिखित नाम उन लोगों के हैं जिन्होंने हाल ही में हृदयाघात से जान गंवाई:
- 20 मई: अभिषेक (अरकलगुड) और संध्या (होलनरसीपुर)
- 28 मई: कवना
- 11 जून: निशांत
- 12 जून: नागप्पा और नीलकंठप्पा
- 13 जून: देवराज और सतीश
- 14 जून: कंतराजू
- 18 जून: नवीन और तीर्थप्पा
- 21 जून: निशाद अहमद और चेतन
- 25 जून: योगेश एम.के. और मंजीनाथ
- 26 जून: सुप्रीता (22 वर्ष, बेंगलुरु)
- 28 जून: गोविंदा (37 वर्ष)
स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित
हासन के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अश्रित श्रीधर ने कहा:
- अगर सीने में दर्द या बेचैनी महसूस हो रही हो, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें। समय पर जाँच और इलाज से कई जानें बचाई जा सकती हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) ने यह भी खुलासा किया कि पिछले 2 वर्षों में जिले में कुल 507 हार्ट अटैक के मामले दर्ज हुए हैं, जो इस क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट की गंभीरता को दर्शाता है।
हासन ज़िले में लगातार हो रही हृदयाघात की घटनाएँ एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी हैं। प्रशासन और चिकित्सा विभाग को चाहिए कि वह जनजागरूकता अभियान चलाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा बढ़ाएं और लोगों को जीवनशैली में सुधार के लिए प्रोत्साहित करें।
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