मंगलवार को बुरहानपुर रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक घटना ने यात्रियों की आंखें नम कर दीं। दिल्ली निवासी सुभाष यादव जो अपनी पत्नी और मासूम बेटी के साथ शिर्डी साईं बाबा के दर्शन करके लौट रहे थे, ट्रेन से उतरते ही अचानक सीने में दर्द की शिकायत करने लगे। कुछ ही पलों में वे गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना के वक्त उनके साथ सिर्फ पत्नी और छोटी बेटी ही थीं। एकाएक घटे इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अमर यादव ने निभाई इंसानियत की मिसाल
इस संकट की घड़ी में पूर्व पार्षद और नगर निगम अध्यक्ष प्रतिनिधि अमर यादव ने परिवार को न केवल सहारा दिया बल्कि पूरे अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी खुद की। लालबाग मुक्तिधाम में अंतिम क्रियाएं पूरी की गईं। अमर यादव ने शव वाहन से लेकर अंतिम संस्कार सामग्री तक हर चीज़ की जिम्मेदारी संभाली।
बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज
सबसे भावुक पल तब आया जब सुभाष यादव की नाबालिग बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह क्षण वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू ले आया। बच्ची के साहस ने साबित कर दिया कि कर्तव्य निभाने के लिए उम्र नहीं, भावनाएं मायने रखती हैं।
पत्नी ने जताया आभार
सुभाष यादव की पत्नी ने नम आंखों से सभी मददगारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें नहीं पता था कि आगे क्या करना है, तब बुरहानपुर के लोगों ने जो सहारा दिया, वह कभी नहीं भूलेंगी।
इस मार्मिक घटना ने स्टेशन पर मौजूद हर व्यक्ति को गहराई से छू लिया और एक बार फिर यह दिखा दिया कि इंसानियत जिंदा है।
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