Bhopal News – भोपाल के एमपी नगर स्थित प्रसिद्ध रेस्टोरेंट बापू की कुटिया को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा के मामले में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत 10,000 रूपए का जुर्माना भरना होगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, भोपाल ने जारी किया है।

शिकायत का विवरण:
शिकायतकर्ता जितेंद्र वर्मा, निवासी महामाई क्षेत्र, ने आयोग में यह मामला दायर किया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में बापू की कुटिया ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक डिस्काउंट कूपन स्कीम निकाली थी। इस योजना के तहत 1700 रूपए देकर एक साल की मेंबरशिप दी जा रही थी, जिसमें खाने पर आकर्षक छूट देने का वादा किया गया था।
जितेंद्र वर्मा ने नवंबर 2021 में यह कूपन खरीदा और कुछ समय बाद जब वे अपने परिवार के साथ भोजन करने पहुंचे, तो बिल का भुगतान करते समय उन्होंने कूपन का लाभ लेना चाहा। लेकिन रेस्टोरेंट प्रबंधन ने यह कहते हुए छूट देने से इनकार कर दिया कि स्कीम पहले ही बंद हो चुकी है। कूपन और सदस्यता कार्ड भी वापस ले लिए गए और कोई रिफंड नहीं दिया गया।
उपभोक्ता आयोग का फैसला:
आयोग ने रेस्टोरेंट को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी मानते हुए यह आदेश दिया कि:
- शिकायतकर्ता को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक पीड़ा के एवज में ₹7,000 का मुआवज़ा दिया जाए।
- इसके अतिरिक्त ₹3,000 वाद व्यय के रूप में भुगतान किया जाए।
- यह कुल 10,000 रूपए की राशि 2 महीने के भीतर चुकाना अनिवार्य है।
- निर्धारित समय पर भुगतान नहीं होने पर 9% वार्षिक ब्याज की दर से राशि वसूल की जाएगी।
बापू की कुटिया का पक्ष:
रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना था कि स्कीम नवंबर 2021 में ही समाप्त कर दी गई थी और इसकी सूचना सभी ग्राहकों को दे दी गई थी। हालांकि आयोग ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि ग्राहक को उचित जानकारी नहीं दी गई, जिससे उसे मानसिक आघात पहुंचा।
यह मामला ग्राहकों के अधिकारों और पारदर्शिता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत ग्राहक अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं और सेवा प्रदाताओं की लापरवाही के विरुद्ध उचित कार्रवाई करवा सकते हैं।
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