राजधानी भोपाल में सुरक्षा को लेकर पुलिस ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। नए आदेश के तहत अब शहर में रहने या ठहरने वाले लगभग हर व्यक्ति का रिकॉर्ड पुलिस के पास होना जरूरी होगा। इसमें किरायेदार, पीजी/हॉस्टल में रहने वाले छात्र, घरेलू कामगार और होटल-गेस्ट हाउस के मेहमान सभी शामिल हैं।

यह आदेश BNSS 2023 की धारा 163 के तहत लागू किया गया है, जिसे शहर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जरूरी बताया जा रहा है।
किन-किन की जानकारी देनी होगी?
अब इन सभी की डिटेल पुलिस को देना अनिवार्य होगा:
- किरायेदार (Tenant)
- पेइंग गेस्ट (PG) और हॉस्टल छात्र
- घरों में काम करने वाले नौकर/ड्राइवर
- होटल, लॉज और गेस्ट हाउस के मेहमान
मकान मालिकों और संचालकों को नाम, पता, फोटो, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र (जैसे आधार) जैसी जानकारी तय फॉर्मेट में जमा करनी होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पुलिस का कहना है कि कई मामलों में अपराधी और संदिग्ध लोग आम नागरिक बनकर शहर में रह जाते हैं और बाद में वारदात को अंजाम देते हैं।
इसी खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि हर व्यक्ति की पहचान और रिकॉर्ड पहले से उपलब्ध रहे।
नियम तोड़ा तो सीधी कार्रवाई
पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि जानकारी जमा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई होगी जिसमे जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं।
इसलिए मकान मालिकों, हॉस्टल संचालकों और होटल व्यवसायियों को तुरंत अपने रिकॉर्ड अपडेट करने को कहा गया है।
VIP शहर में सुरक्षा पर फोकस
भोपाल को संवेदनशील शहर बताते हुए पुलिस ने कहा कि यहां बड़े सरकारी संस्थान और वीआईपी मूवमेंट होता है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नागरिकों के लिए क्या जरूरी?
- किरायेदार तुरंत पुलिस वेरिफिकेशन कराएं
- होटल/PG में सही पहचान पत्र दें
- गलत जानकारी देने से बचें


