Bhopal News – भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां राजीव गांधी कॉलेज से जुड़े कांग्रेस नेता साजिद अली और वहा के कुछ लोगों पर छात्रों के साथ मारपीट, गाली-गलौज, अवैध वसूली और धमकी देने के आरोप लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सामने आ चुका है, जिसमें कॉलेज परिसर के भीतर छात्रों के साथ गलत व्यवहार और अभद्र भाषा साफ देखी जा सकती है।

वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका, छात्रों की सुरक्षा और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र संगठनों ने इस मामले पर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
कॉलेज के छात्र अमन चौहान ने इस संबंध में अपना विस्तृत बयान दिया है। अमन के अनुसार, 03 और 04 दिसंबर 2025 को उनके कॉलेज में प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित हुई थीं, जिनमें वे दोनों दिन विधिवत रूप से उपस्थित रहे।
04 दिसंबर को प्रैक्टिकल समाप्त होने के बाद छात्रों के बीच यह चर्चा शुरू हुई कि कॉलेज प्रशासन की ओर से 2000, 3000 और 5000 प्रति छात्र अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं। अमन ने इस मुद्दे को लेकर संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई और इसके समर्थन में वीडियो साक्ष्य भी जुटाए।
शिकायत के बाद बदला लेने का आरोप
अमन चौहान का आरोप है कि शिकायत करने से नाराज़ होकर कॉलेज प्रशासन ने उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में अनुपस्थित दिखा दिया। इसकी जानकारी उन्हें 29 दिसंबर 2025 को परिणाम घोषित होने के बाद हुई।
इसके विरोध में उन्होंने 30 दिसंबर 2025 को कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय में लिखित शिकायत दी, लेकिन 12 जनवरी 2026 तक न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही उन्हें कोई जवाब मिला।
कॉलेज परिसर में धमकी और गाली-गलौज
अमन के मुताबिक, 12 जनवरी 2026 को जब वे कुछ दोस्तों के साथ प्राचार्य से बात करने कॉलेज पहुंचे, तो परिसर में मौजूद चार लोगों ने उन्हें रोक लिया। इनमें से एक व्यक्ति ने खुद को डायरेक्टर का प्रतिनिधि बताया।
इस दौरान उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें भविष्य खराब करने और कॉलेज से बाहर निकालने की धमकी दी गई।
ऑडियो-वीडियो सबूत होने का दावा
अमन चौहान का दावा है कि
- उपरोक्त सभी घटनाओं के ऑडियो और वीडियो साक्ष्य उनके पास सुरक्षित हैं।
- कॉलेज प्रशासन द्वारा उन पर लगाए गए आरोप निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं।
इसी वीडियो के माध्यम से उन्होंने प्रशासन और उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
प्रशासन की चुप्पी, सवाल बरकरार
फिलहाल इस पूरे मामले में न तो कॉलेज प्रशासन और न ही संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। वहीं, वीडियो के वायरल होने के बाद छात्र संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से जांच शुरू करता है और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


