
भोपाल से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक छोटी सी गलतफहमी ने एक होनहार छात्रा की जिंदगी छीन ली। शहर के ईटखेड़ी इलाके में रहने वाली 12वीं कक्षा की छात्रा ने घर के मंदिर में रखा पाउडर भभूत समझकर खा लिया, जो दरअसल चूहा मारने की जहरीली दवा थी। कुछ ही घंटों में तबीयत बिगड़ने लगी और कई दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, घर में चूहों की समस्या के कारण परिवार ने मंदिर में चूहा मारने की दवा रख दी थी। पूजा के बाद छात्रा ने उसी पाउडर को भभूत समझकर सेवन कर लिया।
शुरुआत में किसी को इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में कोचिंग से लौटते समय छात्रा को उल्टियां और कमजोरी महसूस हुई, तब मामला सामने आया।
पहले निजी अस्पताल, फिर हमीदिया में भर्ती
परिजन तुरंत उसे निजी अस्पताल लेकर गए, जहां प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। लेकिन कुछ दिनों बाद हालत फिर बिगड़ गई और उसे हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद छात्रा को बचाया नहीं जा सका।
पुलिस जांच शुरू
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया जा रहा है कि छात्रा की बोर्ड परीक्षाएं जल्द शुरू होने वाली थीं, जिससे परिवार और भी गहरे सदमे में है।


