
राजधानी भोपाल में वाहन चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निशातपुरा इलाके में एक व्यक्ति की SUV घर के बाहर पोर्च से चोरी हो गई और कुछ ही घंटों में वाहन ने टोल प्लाजा पार कर लिया, जहां फास्टैग से ऑटोमैटिक भुगतान का रिकॉर्ड भी सामने आया। बावजूद इसके, शिकायत के बाद FIR दर्ज होने में कथित तौर पर कई दिन लग गए।
रात में खड़ी गाड़ी, सुबह होते ही गायब
जानकारी के अनुसार, करोंद स्थित रतन कॉलोनी निवासी शंभू प्रजापति ने 11 फरवरी की रात करीब 8 बजे अपनी SUV घर के पोर्च में खड़ी कर गेट लॉक किया था। तड़के करीब 3:30 बजे जब उनकी नींद खुली, तो वाहन वहां से गायब था। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
फास्टैग ने खोला बड़ा सुराग
चोरी के कुछ ही घंटों बाद SUV के सोनकच्छ टोल प्लाजा पार करने का डिजिटल रिकॉर्ड सामने आया।
- सुबह 3:48 बजे फास्टैग से करीब ₹95 का भुगतान कटने की जानकारी मिली
- इससे साफ हुआ कि चोर वाहन लेकर शहर से बाहर निकल चुके थे
इसके अलावा आसपास के CCTV कैमरों में भी संदिग्ध गतिविधियां कैद होने की बात सामने आई है।
FIR में देरी पर उठे सवाल
पीड़ित का आरोप है कि पुलिस को तुरंत सूचना देने के बावजूद मामला दर्ज करने में देरी हुई। दोबारा शिकायत के बाद लगभग चार दिन बाद FIR दर्ज की गई। इस देरी को लेकर स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
तकनीकी सुराग के बावजूद वाहन गायब
फास्टैग डेटा और CCTV फुटेज जैसे अहम सबूत मिलने के बावजूद अभी तक:
- वाहन बरामद नहीं हुआ
- किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई
पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच जारी है और वाहन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार-
- घर में खड़े वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा लॉक का उपयोग करें
- GPS ट्रैकर लगवाएं
- चोरी की स्थिति में तुरंत डिजिटल शिकायत दर्ज करें


