फ्लाईओवर के नीचे अचानक लगी आग, इलाके में मची अफरा-तफरी
भोपाल के लालघाटी फ्लाईओवर के नीचे शनिवार शाम अचानक आग लगने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। घटना उस समय हुई, जब सड़क किनारे जमा कचरे और झाड़ियों में अचानक लपटें उठने लगीं। चश्मदीदों के अनुसार, कुछ ही मिनटों में आग ने तेजी से फैलकर फ्लाईओवर के नीचे बने हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। धुआं इतना घना हो गया कि कुछ देर के लिए ट्रैफिक भी धीमा पड़ गया।
अधिकारियों का कहना है कि फ्लाईओवर के नीचे जमा सूखा कूड़ा, प्लास्टिक और बेकार सामग्री आग फैलने का कारण बने। पास लगे स्ट्रीट लाइट वायरिंग और इलेक्ट्रिक फिटिंग भी गर्मी के संपर्क में आकर क्षतिग्रस्त हो सकती थीं, जिससे स्थिति और गंभीर होने का खतरा था। पुलिस और नगर निगम की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा बनाया और लोगों को दूर रहने की हिदायत दी।
कचरे और लाइट वायरिंग से और भड़की आग, राहत दल को करना पड़ा संघर्ष
आग की तीव्रता बढ़ने का एक बड़ा कारण फ्लाईओवर के नीचे जमा सूखा कचरा और प्लास्टिक की सामग्री रही, जो जल्दी आग पकड़ लेती है। ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि इस हिस्से में लंबे समय से कचरा जमा होता आ रहा था। कई बार सफाई के लिए शिकायत भी की गई, लेकिन नियमित निराकरण नहीं हुआ। इसी कारण आग ने कुछ ही मिनटों में बड़ा रूप ले लिया।
इसके अलावा, फ्लाईओवर के नीचे लगी स्ट्रीट लाइट की वायरिंग से भी चिंगारी निकलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि तकनीकी टीम जांच कर रही है कि आग पहले लगी या वायरिंग के कारण भड़की। राहत दल को आग बुझाने में खासा संघर्ष करना पड़ा, क्योंकि तेज हवा और प्लास्टिक के जलने से उठने वाले धुएं ने स्थिति को कठिन बना दिया। धुएं की वजह से स्थानीय लोगों को सांस लेने में परेशानी भी हुई। राहतकर्मियों ने पहले आग को फैलने से रोका और फिर धीरे-धीरे उसे काबू में किया।
तीन दमकलों ने मिलकर बुझाई आग, निगम करेगा विस्तृत जांच
मौके पर नगर निगम की तीन दमकलें पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया गया। दमकल कर्मियों ने कई दिशाओं से पानी की बौछारें डालकर आग को फैलने से रोका। आसपास खड़े वाहनों को भी सुरक्षित स्थान पर हटाया गया ताकि आग उन तक न पहुंच सके।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। यह भी जांच का विषय है कि फ्लाईओवर के नीचे इतना कचरा कैसे जमा हुआ और समय पर सफाई क्यों नहीं की गई। निगम अब इस क्षेत्र में नियमित सफाई और निगरानी की व्यवस्था करने की तैयारी कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, वायरिंग की सुरक्षा जांच भी की जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर उसे बदला जाएगा।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि फ्लाईओवर के नीचे कचरा फेंकने पर सख्त कार्रवाई हो और वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है लेकिन घटना ने शहर के कचरा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


