ई-मेल में सायनाइड ब्लास्ट की धमकी, प्रशासन अलर्ट
भोपाल में उस समय हड़कंप मच गया जब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल (एम्स) और पीपुल्स यूनिवर्सिटी भोपाल को उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला। ई-मेल में सायनाइड पॉयजन ब्लास्ट करने की बात लिखी गई थी, जिससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं।
सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। दोनों संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और परिसर को अस्थायी रूप से खाली कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि ई-मेल की भाषा गंभीर थी, इसलिए किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचने के लिए त्वरित कार्रवाई की गई।
बम डिस्पोजल स्क्वॉड की जांच, कुछ संदिग्ध नहीं मिला
धमकी के बाद बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड ने संस्थानों के परिसर की गहन तलाशी ली। कई घंटों तक चली जांच के दौरान किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे भवन, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के हिस्सों की जांच की। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह धमकी झूठी प्रतीत होती है। हालांकि एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कुछ समय तक बरकरार रखी गई। इस घटना के कारण मरीजों, छात्रों और कर्मचारियों में अस्थायी भय का माहौल बना रहा।
साइबर जांच शुरू, अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर साइबर सेल को जांच सौंपी है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी झूठी धमकियां न केवल कानून-व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि लोगों में अनावश्यक दहशत भी फैलाती हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें। फिलहाल स्थिति सामान्य है और दोनों संस्थानों में कामकाज नियमित रूप से जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी के पीछे किसका हाथ था और उसका उद्देश्य क्या था।


