राजधानी भोपाल के नर्मदापुरम रोड स्थित मशहूर वृंदावन ढाबा (Vrindavan Dhaba) पर दूषित खिचड़ी परोसने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने सख्त रुख अपनाते हुए 15,000 रूपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना खाद्य सुरक्षा में लापरवाही और मानसिक पीड़ा के लिए दिया गया है।

खिचड़ी में निकली मरी मक्खी
गौतम नगर निवासी अभिषेक दीक्षित ने 25 मई 2024 को स्विगी के माध्यम से वृंदावन ढाबा से बटर खिचड़ी और लस्सी ऑर्डर की थी। लेकिन जब उन्होंने पार्सल खोला, तो खिचड़ी में एक मरी हुई मक्खी पाई गई, जिससे उन्हें मानसिक तौर पर गहरा आघात पहुंचा।
शिकायत पर ढाबे और स्विगी ने टाली जिम्मेदारी
अभिषेक ने तुरंत स्विगी और ढाबे दोनों को शिकायत की, लेकिन दोनों पक्षों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। स्विगी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उसने सिर्फ ऑर्डर डिलीवर किया और होटल को भुगतान कर दिया है।
फोरम ने ढाबे को ठहराया दोषी
मामला उपभोक्ता फोरम में पहुंचने के बाद सुनवाई हुई। फोरम ने वृंदावन ढाबा को दोषी मानते हुए उसे 130 रुपये की खिचड़ी की राशि लौटाने और 15,000 रूपए की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि यह होटल की ओर से गंभीर लापरवाही है। वहीं, स्विगी को केवल “खाना पहुँचाने का माध्यम” मानते हुए उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।
खाद्य गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस मामले ने भोपाल जैसे बड़े शहर में रेस्टोरेंट्स की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे ऑनलाइन खाना मंगाते समय खाद्य गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में अपनी शिकायतों को दर्ज कराएं।
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