राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को परशुराम सेना के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की। धरना स्थल पर संगठन के पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और समाज के लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन वक्ताओं के शब्दों में तीखापन साफ दिखाई दिया।
उपाध्यक्ष का बयान बना चर्चा का केंद्र
धरने के दौरान परशुराम सेना के उपाध्यक्ष ने मंच से सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आंदोलन की रणनीति तक हम बनाते हैं, लेकिन जब अधिकार और हिस्सेदारी देने की बात आती है तो मुर्मू को ढूंढ लाते हो।” इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार केवल ज़रूरत पड़ने पर समाज का इस्तेमाल करती है, लेकिन वास्तविक फैसलों और लाभों से उसे दूर रखा जाता है।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
परशुराम सेना के नेताओं ने कहा कि संगठन लंबे समय से सामाजिक सम्मान, प्रतिनिधित्व और न्याय से जुड़ी मांगें उठा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को प्रदेशभर में फैलाया जाएगा। नेताओं ने यह भी कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था की अनदेखी के खिलाफ है।
धरना समाप्ति से पहले संगठन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम खत्म किया। वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। परशुराम सेना के इस धरने और उपाध्यक्ष के बयान ने एक बार फिर सामाजिक और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, आने वाले दिनों में इसके असर और प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।


