भोपाल। राजधानी भोपाल नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक सोमवार को हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान सबसे प्रमुख निर्णय बांदीखेड़ी जल परियोजना से जुड़ा रहा, जिसे निगम ने बहुमत से पास कर दिया। इस प्रोजेक्ट के तहत शहर के पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति को बेहतर करने की योजना है।

प्रस्ताव के मुताबिक, बांदीखेड़ी जलाशय से 45 एमएलडी पानी नई पाइपलाइन के जरिए जोड़ा जाएगा, जिससे गर्मी के मौसम में जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों को राहत मिल सकेगी। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के लिए राज्य सरकार से वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इसके टेंडर जारी किए जाएंगे।
महापौर मालती राय ने बताया कि यह परियोजना भोपाल के दीर्घकालिक जल प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी और विस्तार को देखते हुए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर यह योजना तैयार की गई है।
हालांकि, विपक्षी पार्षदों ने इस प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि परियोजना की लागत और कार्यान्वयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखनी जरूरी है। उनका आरोप था कि कुछ बिंदुओं को बिना पूर्ण अध्ययन के मंजूरी दी गई है।
उद्यानिकी विभाग के कोटेशन पर विवाद, एमआईसी मेंबर विपक्ष के निशाने पर
बैठक का दूसरा बड़ा मुद्दा उद्यानिकी विभाग में कोटेशन प्रक्रिया को लेकर रहा। विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि एमआईसी मेंबर द्वारा कोटेशन के जरिए उच्च दरों पर पौधे और बागवानी सामग्री खरीदी गई, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान हुआ है।
कांग्रेस पार्षद राजीव सिंह ने कहा कि सामान्य प्रक्रिया में टेंडर बुलाए बिना कोटेशन से खरीद करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार की गंध देता है।
वहीं, संबंधित एमआईसी मेंबर ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि खरीद प्रक्रिया नियमों के अनुरूप की गई थी और सभी भुगतान पारदर्शी तरीके से निगम के खाते के माध्यम से किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोटेशन केवल छोटे स्तर की सामग्री खरीद के लिए जारी किए गए थे, जिससे कार्यों में तेजी लाई जा सके।
हालांकि, विपक्ष ने संतोषजनक जवाब न मिलने पर वाकआउट किया और महापौर से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
बैठक में हुए अन्य निर्णय, विकास कार्यों को मिली मंजूरी
बैठक में बांदीखेड़ी परियोजना और उद्यानिकी विभाग के विवाद के अलावा कई स्थानीय विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव भी रखे गए। इसमें सड़कों के डामरीकरण, पार्कों के पुनरुद्धार और स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव जैसे मुद्दे शामिल थे।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि शहर में लगभग 200 से अधिक छोटे-बड़े विकास कार्यों को स्वीकृति मिली है। इन कार्यों पर निगम का ध्यान पारदर्शिता और गुणवत्ता पर केंद्रित रहेगा।
बैठक के अंत में महापौर मालती राय ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर के नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करना है। उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास के कार्यों में सहयोग करें।
हालांकि, बैठक के दौरान हुए तीखे आरोप-प्रत्यारोप ने यह स्पष्ट कर दिया कि भोपाल नगर निगम की राजनीति आने वाले दिनों में और गरमाने वाली है।


