Bhopal News – मानसून की बारिश ने भोपालवासियों की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। हरी सब्जियों के दाम इस कदर बढ़ गए हैं कि वे अब ‘हरा सोना’ बन चुकी हैं। स्थानीय मंडियों से सब्जियों की आवक कम होने से बाजार में भाव दोगुने हो चुके हैं।

सब्जियों के दाम सुनकर चौंक जाएंगे:
बिट्टन मार्केट और बरखेड़ा में सब्जी बेचने वाले व्यापारियों के अनुसार:
- पालक और मेथी : 120 रुपये प्रति किलो
- टमाटर : 60 रुपये से ऊपर
- गिलकी और करेला : 100 से 120 रुपये किलो
- बैगन : 80 रुपये प्रति किलो
- भिंडी : 100 रुपये प्रति किलो
- शिमला मिर्च : 120 रुपये प्रति किलो
क्यों बढ़े दाम?
भोपाल और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के चलते स्थानीय सब्जियों की आपूर्ति बाधित हुई है। ऐसे में इंदौर, मंदसौर, रतलाम और महाराष्ट्र जैसे दूरदराज के इलाकों से सब्जियां मंगाई जा रही हैं। लंबी दूरी की ढुलाई और बारिश की वजह से सब्जियों का लागत मूल्य काफी बढ़ गया है।
व्यापारियों का कहना है:
अगर थोक बाजार में कद्दू जैसे सस्ते आइटम भी 20 रुपये किलो बिक रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि महंगाई वाकई सिर चढ़कर बोल रही है।
क्या राहत मिलेगी?
स्थानीय मंडियों में बारिश के थमने और स्थानीय आपूर्ति बहाल होने तक राहत मिलना मुश्किल है। तब तक आम आदमी को अपनी थाली से कुछ हरी सब्जियों को कम करना पड़ सकता है।
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