135 आवेदनों के साथ हुई वर्ष की अंतिम जनसुनवाई
भोपाल कलेक्टोरेट में वर्ष 2025 की अंतिम जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें आम नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। इस जनसुनवाई में कुल 135 आवेदन प्राप्त हुए, जो शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों की वास्तविक समस्याओं को दर्शाते हैं।
सुबह से ही कलेक्टोरेट परिसर में नागरिकों की उपस्थिति देखने को मिली। अधिकारीगण क्रमबद्ध तरीके से लोगों की शिकायतें सुनते नजर आए। कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए, जबकि कुछ प्रकरणों में समय-सीमा तय कर निराकरण का भरोसा दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी आवेदनों की गंभीरता से समीक्षा कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
पारिवारिक विवाद और महिलाओं से जुड़ी शिकायतें रहीं प्रमुख
इस जनसुनवाई में सबसे अधिक आवेदन पारिवारिक विवादों से संबंधित रहे। पति-पत्नी के आपसी मतभेद, संपत्ति विवाद, भरण-पोषण और घरेलू समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। इसके साथ ही महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक सहायता न मिलने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों ने प्रशासन का ध्यान खींचा। अधिकारियों ने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कुछ मामलों में महिलाओं को कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
जल संकट और बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल
जनसुनवाई में जल संकट से संबंधित शिकायतें भी बड़ी संख्या में सामने आईं। कई वार्डों के नागरिकों ने नियमित पानी आपूर्ति न होने, पाइपलाइन लीकेज और टैंकर व्यवस्था पर निर्भरता की समस्या बताई। इसके अलावा सड़क खराब होने, सफाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, पेंशन और आवास से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि गर्मी को ध्यान में रखते हुए जल व्यवस्था को प्राथमिकता से दुरुस्त किया जाए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि लंबित मामलों की दोबारा समीक्षा कर जवाबदेही तय की जाएगी।
नए वर्ष में और मजबूत होगी जनसुनवाई प्रणाली
वर्ष 2025 की इस अंतिम जनसुनवाई के साथ प्रशासन ने यह संकेत दिया कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले वर्ष में जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाया जाएगा। शिकायतों की निगरानी और फॉलो-अप को मजबूत करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाया जाएगा। जनसुनवाई में शामिल नागरिकों ने उम्मीद जताई कि उनके आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई होगी और उन्हें राहत मिलेगी। यह जनसुनवाई प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने का एक अहम माध्यम साबित हुई।


