कोल ब्लॉक आवंटन पर विपक्ष का तीखा विरोध
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सिंगरौली कोल ब्लॉक मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कोल ब्लॉक से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई।
कांग्रेस विधायकों का कहना था कि इस मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और इससे प्रदेश के संसाधनों को नुकसान पहुंच सकता है। जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और स्थिति को नियंत्रित करने में स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।
विधानसभा समिति से जांच की मांग, वॉकआउट
कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जांच विधानसभा की एक समिति से कराने पर जोर दिया। उनका तर्क था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आ सकेगी। जब सरकार की ओर से तत्काल समिति गठित करने पर सहमति नहीं मिली, तो कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रखी। सत्तापक्ष का कहना था कि कोल ब्लॉक से संबंधित सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई हैं और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।
कार्यवाही दो बार स्थगित, सत्र पर असर
लगातार हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर ने सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन नारेबाजी जारी रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान इस तरह के विवाद से महत्वपूर्ण वित्तीय चर्चाएं प्रभावित होती हैं। सिंगरौली कोल ब्लॉक मुद्दा प्रदेश की राजनीति में बड़ा विषय बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस की संभावना है। फिलहाल सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे बजट सत्र की कार्यवाही पर असर पड़ रहा है।


