भारतीय रेलवे अब चेन पुलिंग की घटनाओं को लेकर सख्त हो गया है। भोपाल रेल मंडल ने जुलाई महीने के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि केवल एक महीने में ही 3383 बार चेन पुलिंग की गई, जिनमें से 2981 मामलों में यात्रियों पर कार्रवाई की गई। इनमें कई यात्रियों से भारी जुर्माना वसूला गया, वहीं कई को जेल भी भेजा गया।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि चेन पुलिंग की सुविधा सिर्फ आपातकालीन स्थिति के लिए दी गई है। लेकिन यात्री अक्सर मजाक, व्यक्तिगत लाभ या छोटी-छोटी असुविधाओं की वजह से इसका इस्तेमाल करते हैं। जैसे – ट्रेन छूट जाना, गलत कोच में बैठ जाना, किसी परिजन या सामान को उतारने का समय न मिलना आदि। ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
किन स्टेशनों पर सबसे ज्यादा चेन पुलिंग?
भोपाल मंडल के तहत आने वाले रानी कमलापति, भोपाल, इटारसी, विदिशा, बीना और गुना जैसे बड़े स्टेशनों पर चेन पुलिंग की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। इसी कारण रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। यात्रियों को नियमों की जानकारी दी जा रही है और समझाया जा रहा है कि बेवजह चेन पुलिंग करने पर जेल भी हो सकती है।
क्या कहता है नियम?
रेलवे एक्ट के तहत केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही चेन पुलिंग की जा सकती है। जैसे—
- किसी यात्री की तबियत अचानक खराब होना
- बच्चा, बुजुर्ग या परिजन स्टेशन पर छूट जाना
- ट्रेन में आग लगना या लूटपाट जैसी घटना होना
इनके अलावा बेवजह चेन खींचने पर 1 साल की जेल, 1,000 रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। रेलवे ने साफ कर दिया है कि अब इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा।


