क्रिकेट मैच की रोमांचक जीत के कुछ ही क्षणों बाद 28 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल सौरभ शुक्ला की अचानक मौत ने जश्न के माहौल को मातम में बदल दिया। रविवार रात नरसिंहपुर जिले के सुनवारा गांव में हुए क्रिकेट टूर्नामेंट में यह दुखद घटना घटी।

सौरभ शुक्ला जबलपुर के लार्डगंज थाना में तैनात थे और वर्ष 2018 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। वे मूल रूप से गोटेगांव तहसील के मुनकवारा गांव के निवासी थे।
विकेटकीपिंग कर रहे थे, जीत के जश्न में टूटा दिल
मैच के दौरान सौरभ विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे थे। अंतिम गेंद पर उनकी टीम को जीत मिली और सभी खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। लेकिन जीत का जश्न मनाते समय सौरभ के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ और वे जमीन पर गिर पड़े। साथी खिलाड़ी उन्हें तुरंत जबलपुर के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक रिपोर्ट में हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया गया है।
घर में खुशी, पल में मातम में बदली
20 अप्रैल को ही सौरभ की छोटी बहन की शादी हुई थी और कुछ दिन पहले ही वे अपनी बहन को ससुराल से विदा कराकर लौटे थे। पूरा परिवार अभी शादी की खुशियों में डूबा हुआ था कि अचानक यह दुखद समाचार मिला।
इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार
सौरभ अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। बेटे की असामयिक मृत्यु ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। पिता कृष्ण कुमार शुक्ला, मां विजयलक्ष्मी, और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। सौरभ का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मुनकवारा में किया गया।
सौरभ की मौत ने एक बार फिर इस बात पर गंभीर सोचने को मजबूर कर दिया है कि कैसे कम उम्र के युवा भी अब हार्ट अटैक का शिकार हो रहे हैं। सौरभ जैसे युवा, जो शारीरिक रूप से सक्रिय थे और फिट माने जाते थे, उनका इस तरह जाना समाज और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय है।
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