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    चित्रकूट में 750 करोड़ के विकास फंड में घोटाले का आरोप, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

    मध्य प्रदेश कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के मीडिया प्रभारी और पूर्व मंत्री डॉ. मुकेश नायक ने शनिवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान आरोप लगाया कि चित्रकूट विकास प्राधिकरण को दिए गए ₹750 करोड़ के फंड का दुरुपयोग किया गया है।

    नमामि गंगे और विकास कार्यों के नाम पर लूटा गया पैसा

    डॉ. नायक ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चित्रकूट में विकास और नमामि गंगे परियोजना के तहत करोड़ों रुपये की राशि दी गई, लेकिन यह फंड सही ढंग से उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी राशि में से बड़ी रकम निजी संस्थानों और गैर-प्रासंगिक गतिविधियों में खर्च की गई है।

    सामुदायिक भवन बना नशाखोरी का अड्डा

    कांग्रेस नेता ने बताया कि 37 करोड़ खर्च कर बनाए गए सामुदायिक भवन का उद्देश्य सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए था, लेकिन यह भवन ऐसी जगह बनाया गया जो संस्थान की ज़मीन से दूर है। अब वह स्थान नशाखोरी और गैर-कानूनी गतिविधियों का अड्डा बन चुका है।

    आरोग्यधाम बना निजी क्लिनिक और बर्थडे पार्टी का स्थल

    चित्रकूट के 47 एकड़ में फैले आरोग्यधाम को आयुर्वेद रिसर्च सेंटर के तौर पर विकसित किया गया था, लेकिन वर्तमान में वहां एलोपैथिक डॉक्टर, मेडिकल स्टोर, और निजी क्लिनिक संचालित हो रहे हैं। नायक ने आरोप लगाया कि इस परिसर को रिसॉर्ट की तरह किराए पर देकर बर्थडे पार्टी जैसे निजी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    मंदाकिनी नदी की सफाई में भी गड़बड़ी

    डॉ. नायक ने यह भी खुलासा किया कि मंदाकिनी नदी की सफाई के लिए स्वीकृत 37 करोड़ में से 30 करोड़ सीधे एक निजी संस्था को दे दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार कैसे किसी निजी संस्था की ज़मीन और सुविधाओं पर विकास प्राधिकरण का पैसा खर्च कर सकती है?

    गोशाला बंद, फंड का दुरुपयोग

    उन्होंने कहा कि गोशाला के लिए आवंटित फंड का भी सही उपयोग नहीं हुआ। गोशाला बंद पड़ी है, लेकिन वहां खाना-पीना चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि टाटा ट्रस्ट से मिले पैसे का बड़ा हिस्सा भी एलोपैथिक केंद्र पर खर्च हो चुका है।

    रामपथ गंगा योजना के 2000 करोड़ पर भी सवाल

    डॉ. नायक ने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय शुरू की गई रामपथ गंगा योजना के तहत 2000 करोड़ दिए गए थे, लेकिन आज तक इन पैसों का कोई पारदर्शी हिसाब नहीं दिया गया है। साथ ही, उन्होंने महाकाल लोक और ओंकारेश्वर लोक परियोजनाओं पर भी सवाल खड़े किए, जहां स्थापित मूर्तियां मामूली हवा से भी गिर जाती हैं।

    कांग्रेस की प्रमुख मांगें:

    1. नमामि गंगे योजना की सीबीआई जांच करवाई जाए।
    2. निजीकरण की गई सभी संपत्तियों को जनहित में अधिग्रहित किया जाए।
    3. मंदाकिनी नदी के गंदे नालों को रोका जाए और शुद्धिकरण संयंत्र चालू किए जाएं।
    4. ग्रामोदय विश्वविद्यालय की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को रोका जाए।
    5. टाटा ट्रस्ट, राज्यसभा निधि और केंद्र अनुदानों से किए गए कार्यों की वित्तीय जांच हो।

    कांग्रेस का सीधा आरोप – सरकार भ्रष्टाचार छिपा रही है

    प्रेसवार्ता में डॉ. मुकेश नायक ने कहा, सरकार और प्रशासन मिलकर इस घोटाले को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। यह जनता के पैसों की खुली लूट है, जिसकी हर स्तर पर जांच होनी चाहिए।

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