उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानपुर दौरे के दौरान एक गंभीर सुरक्षा चूक सामने आई है। सीएम योगी का हेलिकॉप्टर उस हेलीपैड पर उतार दिया गया, जो उनके लिए निर्धारित नहीं था। यह घटना बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे सीएसए यूनिवर्सिटी के मैदान में हुई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे की तैयारियों का जायजा लेने सीएम योगी पहुंचे थे।

एक ही परिसर में बने पांच हेलीपैड
सूत्रों के अनुसार, सीएसए मैदान में कुल पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। इनमें से एक प्रधानमंत्री के लिए, दूसरा मुख्यमंत्री व अन्य वीआईपी के लिए और शेष अन्य अधिकारियों के लिए निर्धारित किए गए थे। सीएम योगी के हेलिकॉप्टर को नंबर 4 हेलीपैड पर उतरना था, लेकिन पायलट ने भ्रमवश उसे नंबर 2 पर उतार दिया। उस समय वहां वायुसेना का लैंडिंग ट्रायल चल रहा था।
अफसरों के उड़े होश, सुरक्षा में मचा हड़कंप
हेलिकॉप्टर के गलत हेलीपैड पर उतरने की सूचना मिलते ही वहां मौजूद अधिकारियों के होश उड़ गए। जो अफसर सीएम का स्वागत करने निर्धारित हेलीपैड पर तैनात थे, उन्हें दौड़कर दूसरे हेलीपैड पर पहुंचना पड़ा। हालांकि मौके पर सीएम योगी का औपचारिक स्वागत कर स्थिति को संभाल लिया गया, लेकिन यह चूक सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी है।
पहले भी हो चुकी है हेलिकॉप्टर से जुड़ी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब सीएम योगी के हेलिकॉप्टर से जुड़ा मामला सामने आया हो। इससे पहले 20 अप्रैल को तेज हवाओं के चलते उनका हेलिकॉप्टर उड़ान भरते समय अस्थिर हो गया था, हालांकि कोई हादसा नहीं हुआ।
सीएम योगी का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 30 मई को प्रस्तावित कानपुर आगमन की तैयारियों की समीक्षा हेतु था। पीएम मोदी यहां पावर प्लांट और मेट्रो विस्तार परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। सीएम योगी ने जनसभा स्थल, ट्रैफिक, सफाई और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर से वीआईपी मूवमेंट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी चूक को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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