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    भोपाल में पीडीएस की पोल खुली : गेहूं की जगह भूसा, चावल की कालाबाजारी – 7 राशन दुकानें निलंबित

    राजधानी भोपाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आधार, ई-केवाईसी और डिजिटल ट्रैकिंग जैसी व्यवस्थाओं के बावजूद राशन दुकानों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। खाद्य विभाग की सघन जांच में कहीं गेहूं की बोरियों में भूसा मिला तो कहीं 72 बोरियों में चावल छिपाकर कालाबाजारी की तैयारी पकड़ी गई। नतीजा – 7 राशन दुकानों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया।

    शिकायतों के बाद चला सघन जांच अभियान

    लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर जिला आपूर्ति अमले ने कई इलाकों में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टॉक मिलान, वितरण रजिस्टर और भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर हेराफेरी उजागर हुई। कम राशन देना, अतिरिक्त भंडारण और स्टॉक में मिलावट जैसे मामले सामने आए।

    गेहूं के नाम पर भूसा

    एक प्राथमिक भंडार में गेहूं के स्टॉक को पूरा दिखाने के लिए 15 बोरियों में भूसा भरकर रखा गया था। मौके पर गेहूं और चावल दोनों ही तय मात्रा से काफी कम मिले, जबकि नमक और शक्कर की मात्रा असामान्य रूप से अधिक पाई गई – जो साफ तौर पर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की ओर इशारा करता है।

    72 बोरियों में छिपा चावल, कालाबाजारी की तैयारी

    एक अन्य दुकान पर स्टॉक से अलग 72 बोरियों में चावल रखा मिला। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह चावल वितरण के बजाय अवैध बिक्री के लिए जमा किया गया था। विभाग ने चावल जब्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

    कई दुकानों में भारी अंतर, रिकॉर्ड से मेल नहीं

    अन्य दुकानों की जांच में भी तस्वीर चिंताजनक रही-

    • कहीं गेहूं और चावल दर्जनों क्विंटल कम,
    • कहीं नमक और शक्कर जरूरत से ज्यादा,
    • तो कहीं कम वितरण और अतिरिक्त भंडारण।

    इन अनियमितताओं को गंभीर उल्लंघन मानते हुए संबंधित दुकानों का संचालन रोक दिया गया है।

    विभाग का सख्त संदेश

    खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि PDS में एक भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि अगर किसी दुकान पर कम राशन, गलत तौल या स्टॉक में हेराफेरी दिखे तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं – जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।

    आगे क्या?

    निलंबन के साथ-साथ अब रिकवरी, लाइसेंस रद्द और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है। आने वाले दिनों में और दुकानों की औचक जांच के संकेत हैं।

    Suyash Gupta
    Author: Suyash Gupta

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